पुरानी सोयाबीन पर नहीं मिलेगा भावांतर का लाभ

खरगोन | भावांतर भुगतान योजना में कृषि उपज मंडी में सोयाबीन की खरीदी जारी है। इस बार योजना के प्रति किसानों का रुझान बना हुआ है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में किसान उपज लेकर मंडी पहुंच रहे हैं। इसी बीच शासन स्तर से नियमों में बदलाव करते हुए खरीदी प्रक्रिया को और सख्त कर दिया गया है। अब मंडी गेट पर ही कर्मचारियों द्वारा सोयाबीन की प्राथमिक जांच की जा रही है। किसानों से पूछा जा रहा है कि लाई गई उपज पुरानी है या नई। यदि सोयाबीन पुरानी है तो उसकी प्रवेश पर्ची गैर-भावांतर श्रेणी में जारी करेंगे। इसके बाद ही वाहन को प्लेटफार्म तक भेजेंगे। जिस किसान के नाम से पंजीयन हुआ है, उसकी स्वयं की उपस्थिति को भी अनिवार्य कर दिया है। गेट पर सत्यापन के बाद ही आगे की कार्रवाई की जा रही है, ताकि पंजीयन का दुरुपयोग न हो सके और अपात्र व्यक्ति भावांतर योजना का लाभ न उठा पाएं। मंडी अधिकारियों के अनुसार नीलामी में भी मंडी कर्मचारी व व्यापारी सोयाबीन की गुणवत्ता और उसकी उम्र की जांच करेंगे।

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