माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने चार सौ से अधिक प्रिंसिपल के तबादलों के बाद अब लेक्चरर के ट्रांसफर का सिलसिला शुरू कर दिया है। शनिवार को अवकाश के दिन सुबह करीब पौने आठ बजे जारी की गई सूची में हिन्दी विषय के लगभग 1644 लेक्चरर का तबादला कर दिया गया। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में हुए तबादलों से सरकारी स्कूलों की शिक्षण व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। अन्य विषयों के लेक्चरर की भी जंबो लिस्ट संभव विभागीय सूत्रों के अनुसार हिन्दी के बाद अन्य विषयों के लेक्चरर की भी बड़ी ट्रांसफर लिस्ट जारी की जा सकती है। यदि ऐसा होता है तो बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले स्कूलों में पढ़ाई का क्रम बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। नए शिक्षक समय पर जॉइन नहीं कर पाए तो छात्रों की तैयारी अधूरी रह सकती है। 12 फरवरी से शुरू हो रहे हैं बोर्ड एग्जाम माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं 12 फरवरी से शुरू हो रही हैं। इस बार परीक्षाएं मार्च के बजाय करीब एक महीने पहले करवाई जा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद पाठ्यक्रम में किसी तरह की कटौती नहीं की गई है। ऐसे में पहले से समय की कमी झेल रहे विद्यार्थियों पर तबादलों का असर और गहरा पड़ सकता है। सर्दी के बावजूद छुट्टी नहीं, फिर भी कम उपस्थिति सर्दी के मौसम को देखते हुए भी दसवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों की छुट्टी नहीं की गई है। इसके बावजूद कई स्कूलों में उपस्थिति कम बनी हुई है। ऐसे समय में अनुभवी लेक्चरर के तबादले होने से छात्रों की बोर्ड परीक्षा तैयारी पर सीधा असर पड़ने की आशंका है। परीक्षा ड्यूटी के प्रबंधन पर भी असर बोर्ड परीक्षाओं के दौरान परीक्षा केंद्रों पर लेक्चरर की ड्यूटी लगाई जाती है। बड़ी संख्या में तबादलों के चलते परीक्षा ड्यूटी का समुचित प्रबंधन करना भी विभाग के लिए चुनौती बन सकता है। शिक्षा विभाग के इस फैसले से स्कूलों में असमंजस और अभिभावकों में चिंता का माहौल है।


