गढ़वा | प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज प्रसाद ने कहा कि जिले में नशा मुक्त भारत के लिए औषधि जागरूकता और कल्याण मार्गदर्शन के तहत पांच जनवरी से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय और विभिन्न स्कूलों में बच्चों को नशे की लत से दूर रहने की प्रेरणा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि नर्सरी स्तर के बच्चों को सही-गलत की पहचान कराना ही इस (DAWN) कार्यक्रम की असली सफलता है। उन्होंने कहा कि पांच जनवरी से यह कार्यक्रम जिले भर में सक्रिय है। जिसका समापन 12 जनवरी (राष्ट्रीय युवा दिवस) को किया जाएगा। अभियान का लक्ष्य आठ दिनों में जिले के अधिक से अधिक बच्चों और अभिभावकों तक नशा मुक्ति और कल्याण का संदेश पहुंचाना है। पिछले चार दिनों से चलाए जा रहे थे अभियान के बदलाव के बारे में न्यायाधीश ने बताया कि चौथे दिन तक के फीडबैक से पता चलता है कि बच्चे अब बेड हैबिट्स और नशीली दावों के खतरों को समझने लगे हैं। अभियान के तहत शिक्षकों को भी “नेविगेटर” के रूप में तैयार किया जा रहा है, ताकि वे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य की सही दिशा में पहचान कर सकें। उन्होंने इस अभियान को एक जन-आंदोलन का रूप दें, क्योंकि बचपन सुरक्षित होगा तभी देश सुरक्षित होगा। अभियान के शेष चार दिनों (9 से 12 जनवरी) में सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रधान जिला जज ने स्पष्ट किया कि 12 जनवरी को इस अभियान का समापन एक बड़े संदेश के साथ किया जाएगा। जिससे जिले में नशे के विरुद्ध एक स्थाई चेतना विकसित हो सके। इसके अलावा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने लोगों को नालसा से संबंधित टोल फ्री नंबर 15100, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, पुलिस सहायता के लिए 112 और एंबुलेंस के लिए 108 नंबर पर डायल कर लोगों से सहायता लेने का अपील किया।


