ग्वालियर के वकील मत्युंजय सिंह चौहान के सुसाइड केस में चार दिन पहले गोला का मंदिर थाना पुलिस ने मुरैना पुलिस में पदस्थ सब इंस्पेक्टर प्रीति जादौन व आरक्षक अराफात खान के खिलाफ वकील को खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था। इसके बाद से ग्वालियर पुलिस तीन बार मुरैना में दबिश देने का दावा कर रही है, लेकिन एसआई व आरक्षक फरार हैं और पुलिस के हाथ नहीं आ रहे हैं, जबकि मुरैना के सिविल लाइन थाना में दोनों लीव डालकर गायब हो गए हैं। एसआई प्रीति झगड़े की घटना के बाद से सिक लीव पर है तो आरक्षक भी छुट्टी पर गया तो लौटा ही नहीं। ग्वालियर पुलिस का दावा है कि जल्द आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। पुलिस जल्द दोनों आरोपियों पर इनाम भी घोषित कर सकती है। ऐसा भी पता लगा है कि आरोपी अग्रिम जमानत की जुगाड़ में लगे हैं। सिविल थाना में छुट्टी डालकर गायब हुए आरोपी पुलिसकर्मी
ग्वालियर पुलिस शुक्रवार को भी मुरैना पहुंची और एसआई प्रीति जादौन के शासकीय क्वार्टर पर दबिश दी, लेकिन वह वहां नहीं मिली है। इसी तरह आरक्षक अराफात की भी तलाश की, लेकिन वह भी नहीं मिला है। ग्वालियर के गोला का मंदिर थाना की टीम तीन दिन में तीन बार मुरैना जाकर दबिश दे चुकी है। मामले में सीएसपी रोबिन जैन का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है और उनको जल्द पकड़ लिया जाएगा। जबकि सिविल लाइन थाना के प्रभारी उदयभान सिंह का कहना है कि जब पहली घटना हुई थी उसके बाद से ही एसआई प्रीति सिक लीव पर हैं, जबकि अराफात के घर में डिलीवरी होने के चलते वह भी अवकाश पर गया था और अब तक नहीं लौटा। ऐसे समझिए पूरा मामला
मुरैना के सिविल लाइन थाने में पदस्थ महिला एसआई प्रीति जादौन के मंगेतर, ग्वालियर निवासी वकील मृत्युंजय सिंह चौहान ने 14-15 दिसंबर की रात को गोला का मंदिर थाना स्थित आदर्श पुरम में अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। वकील के आत्महत्या का पता 15 दिसंबर की दोपहर चला था। वकील द्वारा आत्महत्या का कारण 12 दिसंबर को मुरैना पुलिस लाइन के सरकारी क्वार्टर में हुए एक घटनाक्रम को बताया गया है। वकील के रूम से मिला सिविल लाइन थाने को लिखा गया एक आवेदन जिसे अघोषित सुसाइड नोट भी माना जा सकता है उसके अनुसार 12 दिसंबर की रात जब वह अपनी प्रेमिका एसआई प्रीति जादौन के शासकीय क्वार्टर पहुंचा तो प्रीति और क्वार्टर में छिपे आरक्षक अराफात ने उसके साथ मारपीट की थी। इस घटना के बाद उसने अपनी मंगेतर के पदस्थ थाने सिविल लाइन और सिटी कोतवाली पहुंचकर शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन कहीं भी उसकी बात नहीं सुनी गई। वकील ने महिला एसआई के मोबाइल से मुरैना जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों… एसपी, एएसपी और सीएसपी को वॉट्सऐप के माध्यम से पूरे मामले की जानकारी दी। वकील की सुनवाई तो नहीं हुई, उल्टा एसआई प्रीति जादौन के रौब के चलते सिटी कोतवाली में वकील के ही खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई थी। इसी से आहत होकर उसने सुसाइड जैसा कदम उठाया। महिला एसआई की शिकायत पर भी हुआ था मामला दर्ज
सिटी कोतवाली मुरैना में मृतक मृत्युंजय चौहान के खिलाफ अपराध क्रमांक 00/25 के तहत एफआईआर दर्ज की गई। इस एफआईआर में धारा 115(2), 333, 331(6), 304(2), 296 और 351(3) लगाई गई हैं। प्रीति ने आरोप लगाया है कि ड्यूटी से लौटने के बाद रात करीब 10 बजे मृत्युंजय चौहान ने जबरन क्वार्टर में घुसकर शादी का दबाव बनाया, गाली-गलौज की और मारपीट की। आरोप है कि उसने टिफिन और पिस्टल के बट से हमला किया, फायर करने का प्रयास किया और मोबाइल फोन छीन लिया। जबकि वकील के सुसाइड केस में 15 दिसंबर को उसके फांसी लगाने के ठीक 22 दिन बाद 6 जनवरी को गोला का मंदिर में एसआई प्रीति जादौन व आरक्षक अराफात पर उसे खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था। पुलिस का कहना
इस मामले में सीएसपी रोबिन जैन का कहना है कि वकील मृत्युंजय के सुसाइड मामले में मुरैना में पदस्थ महिला पुलिसकर्मी व आरक्षक पर खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला दर्ज है। पुलिस दबिश दे रही है, लेकिन वह हाथ नहीं आए हैं। आरोपियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा।


