खैरथल-तिजारा जिले में कड़ाके की ठंड,ग्रामीण अंचल में कोहरा:शीतलहर और घने कोहरे से जनजीवन प्रभावित, किसानों को अच्छी पैदावार की उम्मीद

खैरथल-तिजारा जिले में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। लगातार शीतलहर और घने कोहरे के कारण आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहरी क्षेत्रों में कोहरे का असर कम है, लेकिन ग्रामीण अंचलों में स्थिति अधिक गंभीर बनी हुई है। स्टेट हाईवे संख्या 25 और किशनगढ़बास–कोटपूतली सड़क मार्ग सहित कई प्रमुख रास्तों पर शनिवार की सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी घटकर मात्र 20 से 30 मीटर रह गई। एक दिन पहले शुक्रवार तड़के हुई हल्की बारिश ने ठंड में और इजाफा कर दिया। कुछ स्थानों पर गेहूं के दाने के आकार के छोटे ओले भी गिरे। हालांकि, बारिश और ओलावृष्टि का प्रभाव सीमित रहा और इससे किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। मौसम विशेषज्ञों और किसानों के अनुसार, यह मावठ गेहूं और सरसों की फसलों के लिए लाभदायक सिद्ध होगी, क्योंकि इससे खेतों में नमी बनी रहेगी और फसलों की बढ़वार में मदद मिलेगी। शनिवार सुबह करीब 8 बजे तक सर्दी का प्रकोप और बढ़ गया। घने कोहरे के कारण वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतनी पड़ी। हाईवे पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही और कई जगह लाइट जलाकर चलना पड़ा। सुबह के समय यातायात प्रभावित रहा, वहीं ग्रामीण इलाकों में लोगों को अपने दैनिक कार्यों में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। तेज सर्दी से बचने के लिए लोगों ने अलाव का सहारा लिया। गांवों और कस्बों में जगह-जगह अलाव जलते देखे गए, जहां लोग ठिठुरन से राहत पाने के लिए इकट्ठा हुए। इस कड़ाके की ठंड का असर बुजुर्गों और बच्चों पर अधिक देखा जा रहा है। किसानों का कहना है कि इस समय पड़ रही ठंड और मावठ रबी फसलों के लिए अमृत समान है। यदि मौसम इसी प्रकार अनुकूल बना रहा, तो आने वाले दिनों में फसलों की पैदावार बेहतर होने की उम्मीद है। प्रशासन ने भी कोहरे को देखते हुए वाहन चालकों से सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

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