सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, मानसिक स्वास्थ्य भी है जरूरी

भास्कर न्यूज | अंबिकापुर बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन और उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से विजन समाजसेवी संस्था द्वारा सरगुजा जिले में एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। जीवन अनमोल है थीम के तहत संस्था लगातार स्कूलों, महाविद्यालयों और छात्रावासों में कार्यशालाएं आयोजित कर बच्चों को मानसिक रूप से सशक्त बना रही है। पिछले दो महीनों में संस्था ने दर्जनभर से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए हैं। हाल ही में राजपुरी बालिका कस्तूरबा आवासीय विद्यालय और दशमेश पब्लिक स्कूल में विशेष सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि समाजसेवी व साहित्यकार संतोष दास ने बढ़ती आत्महत्याओं पर कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़े समाज के लिए एक चेतावनी हैं। अब वक्त आ गया है कि समाज बच्चों के लिए संवेदनशील बने। शिल्पा पाण्डेय सृष्टि ने बताया कि बीते दो महीनों में जिले के 15 से अधिक संस्थानों में कार्यक्रम कर लगभग 20 हजार छात्र-छात्राओं को लाभान्वित किया गया है। संस्था की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे बच्चों की उन समस्याओं को गोपनीय रूप से संकलित कर उनका समाधान करती हैं, जिन्हें बच्चे किसी से साझा नहीं कर पाते। कार्यक्रम में केवल मानसिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि बच्चों के कानूनी अधिकारों पर भी चर्चा की गई। महिला थाना प्रभारी सुनीता भारद्वाज के सहयोग से बच्चों को नशा मुक्ति, साइबर अपराध और मोबाइल के दुरुपयोग के प्रति सचेत किया गया। शिक्षा मंत्रालय के उम्मीद अभियान के तहत बच्चों को प्रेरित और सशक्त बनाने पर जोर दिया गया। मीडिया प्रभारी राजू यादव ने बच्चों को मोबाइल की लत से दूर रहने की सलाह दी। राजपुरी कस्तूरबा विद्यालय की अधीक्षक अनुराधा सिंह ने मानसिक संवर्धन की गतिविधियों की जानकारी साझा की। अंत में शिल्पा पाण्डेय सृष्टि ने सभी शिक्षण संस्थानों और अभिभावकों से अपील की कि वे केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता दें और उनके साथ निरंतर संवाद बनाए रखें।

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