कोटा रेल मंडल के वरिष्ठ खंड अभियंता रेल पथ पीयूष शर्मा को दरा घाटी में रेल दुर्घटना बचाने के लिए अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार मिला है। शुक्रवार को नई दिल्ली में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पीयूष को सर्टिफिकेट व मैडल देकर सम्मानित किया। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि भारतीय रेलवे ने साल 2025 के लिए अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार के लिए देशभर के 100 उत्कृष्ट रेल कर्मियों का चयन किया था। इस सूची में पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल में कार्यरत वरिष्ठ खंड अभियंता पीयूष शर्मा का नाम शामिल होना कोटा मंडल के लिए गर्व की बात है। 9 जनवरी को नई दिल्ली के द्वारिका स्थित इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर यशोभूमि में आयोजित कार्यक्रम में रेल मंत्री ने चयनित रेल कर्मियों को पुरस्कार व प्रमाण पत्र दिए। पीयूष को ये सम्मान साल 2025 में दरा घाटी में रेल दुर्घटना बचाने के लिए दिया गया। पीयूष ने बताया कि 3 सितंबर को कंवलपुरा–दरा के बीच सुबह करीब 4 तेज बारिश के चलते कोटा नागदा रेल खंड पर सुरक्षा दीवार टूट गई थी। पहाड़ी का मलबा रेल पटरी पर गिर गया था। गश्त कर रहे ट्रैकमैनों ने इसकी सूचना दी। जिसके बाद तुरंत मोर्चा संभाला। पैदल पैदल मौके पर गया। पता किया तो जानकारी मिली कि पिछले स्टेशन से एक सवारी गाड़ी निकल चुकी थी। ऐसे में इस ट्रेन के मलबे से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त होने की पूरी संभावना थी। मैने तुरंत निर्णय लेते हुए विद्युत लाइन (ओएचई) को बंद करवा दिया। बिजली सप्लाई नहीं मिलने से ट्रेन रास्ते में ही खड़ी हो गई। समय रहते ट्रेन रुकने से बड़ी दुर्घटना बच गई। अगर चंद मिनट की भी और देरी हो जाती तो ट्रेन सीधा मलबे से टकराकर पटरी से उतर सकती थी। इससे सैकड़ो यात्री हताहत हो सकते थे। इस घटना के चलते करीब 5 घंटे तक रेल यात्रा ठफ रहा था। 20 ट्रेनें 1 से 6 घंटे तक लेट हो गई थी। ये खबर भी पढ़े- तेज बारिश से रेलवे ट्रैक पर आए पत्थर:12 ट्रेनों को रोका, कनवास कस्बे में सड़कों पर 2 से 3 फीट पानी, दुकानों-मकानों में भी घुसा कोटा में तेज बारिश के बाद हालात बिगड़ गए हैं। सुबह तीन बजे से डेढ़ घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश के कारण शहर और ग्रामीण इलाकों में पानी भर गया। वहीं कोटा-मुंबई रेलवे लाइन पर पत्थर आ जाने से ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ है। कोटा मंडल के दरा रेलखंड पर एक पहाड़ी का हिस्सा टूट गया था जिससे कुछ बड़े और छोटे पत्थर दरा इलाके की रेलवे लाइन पर आ गए थे। रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों ने ट्रैक से पत्थर हटाने का काम शुरू किया। स्थिति सामान्य होने पर अलग अलग समय पर रोकी 12 ट्रेनों को रवाना किया गया। वहीं कई ट्रेनों के रूट भी डायवर्ट किए गए। खबर पढ़े


