टोडाभीम के पाडला में शनिवार को सिद्ध बाबा की बगीची में पौष बड़ा महोत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान 80 किलो दाल के पकोड़े और 30 किलो सूजी का हलवा तैयार कर श्रद्धालुओं को वितरित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत बाबा के मंदिर में भोग लगाकर की गई। सुबह 11 बजे से प्रसादी वितरण का सिलसिला शुरू हुआ, जो देर शाम 4 बजे तक जारी रहा। आयोजकों ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बड़ी मात्रा में प्रसादी तैयार की गई थी, जिसे आने-जाने वाले राहगीरों और स्थानीय लोगों में बांटा गया। भजनों पर झूमे श्रद्धालु
आयोजकों ने पौष माह में पौष बड़ा प्रसादी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस माह में दाल के पकोड़े और सूजी का हलवा वितरित करना एक पुरानी परंपरा है। महोत्सव में महिलाएं, पुरुष और बच्चे सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। सभी ने कतारबद्ध होकर प्रसादी ग्रहण की। इस दौरान धार्मिक भजनों पर नाचते-गाते हुए लोगों ने कार्यक्रम का आनंद लिया। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पाडला की सिद्ध बाबा की बगीची एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, जो लगभग 100 साल पुराना है। यहां धुआं और हनुमान जी का मंदिर है। शनिवार और मंगलवार को यहां विशेष रूप से भीड़ रहती है और मेले जैसा माहौल होता है। समय-समय पर ऐसे धार्मिक आयोजन होते रहते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ये रहे मौजूद
प्रसादी वितरण के दौरान बबली मीना घाटी, शीशराम गुरुजी, राजेंद्र, मुंशी, खेमचंद, राहुल खेड़ापति, लोकेश घाटी, रामकरण, तेजराम, अशोक, जगमोहन मीणा, अमृत, जल सिंह खुर्द, फूलचंद मीणा, जंगली बाबूजी, रिंका मीना, विजय धर्मेन्द्र घाटी, सुखलाल मेंबर और श्याम लाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति और स्थानीय लोग मौजूद रहे।


