दमोह के रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व की झापन रेंज में पदस्थ बीटगार्ड सुंदरलाल जैन का जला हुआ शव जंगल में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। उन्हें जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना शुक्रवार शनिवार दोपहर शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुक्रवार शाम जंगल में आग बुझाने गए थे बीटगार्ड मनका बीट में पदस्थ बीटगार्ड त्रिवेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि झापन में तैनात सुंदरलाल जैन शुक्रवार शाम जंगल में आग बुझाने गए थे। सुरक्षा श्रमिक धर्मेंद्र सिंह लोधी ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। शाम करीब 7 बजे धर्मेंद्र सिंह लोधी को सुंदरलाल जैन का जला हुआ शव जंगल में मिला। तत्काल अधिकारियों को सूचना दी गई और उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सुरक्षा श्रमिक धर्मेंद्र सिंह लोधी ने पुष्टि की कि सुंदरलाल जैन ऊपर पार बीट में आग बुझाने के लिए पहुंचे थे। झापन रेंजर बोले-पीएम रिपोर्ट से पता चलेगी असल वजह पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है, जिसे काफी संदिग्ध माना जा रहा है। वहीं, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जंगल में लगी आग बुझाते समय सुंदरलाल जैन धुएं के कारण नीचे गिर गए और आग में झुलसने से उनकी मौत हो गई। झापन रेंजर नितेश डहरिया ने बताया कि बीटगार्ड का शव जली हुई अवस्था में मिला है। उनकी मौत कैसे हुई, इसका खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। उन्होंने इस संबंध में अभी कुछ भी कहने से इनकार किया। चचेरे भाई ने लगाया हत्या का आरोप
मृतक सुंदरलाल जैन के चचेरे भाई हेमंत जैन ने भाई की हत्या कराने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विभागीय कर्मचारियों ने ही उनके भाई की हत्या की है। साक्ष्य मिटाने के लिए शरीर को झुलसाया गया है। सिर में गंभीर चोट है। इससे मुझे आशंका है कि मेरे भाई की हत्या की गई है। हम चाहते हैं कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। एसडीओ बोले-सिर में चोट के घाव, पीएम के लिए सागर भेजा शव
वहीं रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के एसडीओ बीपी तिवारी ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सागर ले जाया जा रहा है। दमोह में डॉक्टर की ओर से बताया गया है कि सिर में एक घाव है। इसकी वजह से पोस्टमॉर्टम सागर में किया जाएगा। जहां फोरेंसिक टीम की मौजूदगी में जांच कर पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। परिजनों के आरोपों की भी जांच की जाएगी।


