कोटा शहर के कुन्हाड़ी थाना पुलिस ने महिला के साथ बलात्कार के मामले में फरार चल रहे 2000 रुपए के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी ने महिला के साथ होटल और कार में दुष्कर्म किया था। कोटा शहर एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि महिला के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई थी। 2 हजार रुपये के इनामी आरोपी ओमेन्द्र आर्य को 9 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी लंबे समय से गिरफ्तारी से बच रहा था और लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। एसपी गौतम ने बताया कि पीड़िता ने 6 जनवरी 2026 को थाना नान्ता में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया कि उसके पति अधिकतर बाहर रहते थे, जिस कारण वह अपने माता-पिता के साथ पीहर में रहती थी। किसी भी काम के लिए उसके पति अपने मित्र ओमेन्द्र आर्य को भेज देते थे, जिससे उसकी पहचान और विश्वास बन गया। पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि 20 दिसंबर 2025 को मूवी दिखाने के बहाने लेकर गया और रात करीब 9 बजे वह आरोपी के साथ मॉल पहुंची। दोनों मूवी देखने थिएटर के अंदर गए। फिल्म खत्म होने के बाद जब वे बाहर निकले तो रात करीब 1 से 2 बजे का समय हो चुका था। इस दौरान पीड़िता का मोबाइल फोन भी डिस्चार्ज हो गया, जिससे वह घर का गेट नहीं खुलवा सकी। इस पर आरोपी ओमेन्द्र ने देर रात होने का हवाला देते हुए होटल में रुकने की बात कही और सुबह घर छोड़ने का भरोसा दिया। इसके बाद आरोपी ने कुन्हाड़ी त्रिकूटा क्षेत्र के पास एक होटल में कमरा लिया, जहां वह भी उसी कमरे में रुका। कुछ बातचीत के दौरान आरोपी ने पीड़िता पर उसके साथ रहने और पति को छोड़ने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। दोनों के बीच बहस हुई। पीड़िता ने वहां से जाने की बात कही तो आरोपी ने उसे जबरन पकड़कर पलंग पर पटक दिया और उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उसे धमकी दी कि अगर इस घटना की जानकारी उसने पति या परिवार को दी तो वह समाज में यह बात फैला देगा कि वह उसके साथ होटल गई थी और दोनों के अवैध संबंध थे। इसके बाद 23 दिसंबर 2025 को भी आरोपी ने इसी धमकी का सहारा लेते हुए रात करीब 8 बजे उसे 120 फीट रोड के सुनसान इलाके में ले जाकर अपनी स्लेटी रंग की कार में जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। बदनामी और डर के कारण पीड़िता ने पहले कोई कार्रवाई नहीं की, लेकिन बाद में उसने अपने पति को पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस तक मामला दर्ज कराया। पुलिस ने प्रकरण में मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की थी। गिरफ्तारी नहीं होने पर आरोपी पर ईनाम घोषित किया गया। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।


