भोपाल में नगर निगम की अरवलिया स्थित गोशाला में 6 गोवंश मृत मिलने पर हिंदूवादी संगठनों ने हंगामा कर दिया। इसे लेकर संगठन पदाधिकारियों ने ईंटखेड़ी थाने में शिकायत भी की। कहा कि गायें भूख के मारे गोबर मिक्स चारा खा रही हैं। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों ने निगम कर्मचारियों की लापरवाही से गायों की मौत होने की बात कही है। शुक्रवार देर रात वे गोशाला पहुंचे थे। यहां मुख्य गेट पर ताला लगा था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस की मौजूदगी में नगर निगम के कुछ कर्मियों को बुलवाकर जब अंदर जाकर देखा तो 6 गोवंश मृत पाए गए। वहीं, 4 गंभीर बीमार स्थिति में थे। गोशाला प्रबंधन ने अंदर ही एक बड़ा गड्ढा खोदा था। आरोप है कि इसमें मृत गोवंश को चोरी-छिपे दफनाने की तैयारी थी। विरोध करते हुए हिंदूवादी संगठनों ने सद्बुद्धि के लिए श्री हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। तब जाकर निगम के एडीसी देर रात मौके पर पहुंचे और दोषियों पर कार्रवाई करने की बात कही। आवेदन देकर मृत गोवंश को पोस्ट मार्टम के लिए भेजा
प्रदर्शन के दौरान प्रांत सह गोशाला संपर्क प्रमुख विनोद जोहरे समेत वीर सावरकर, नितिन साहू, राजेंद्र नामदेव, रवि कुशवाह, अभिषेक शर्मा, राकेश रायकवार, गौरव मिश्रा, अभिषेक कुशवाह, कैलाश कुशवाह आदि भी मौजूद थे। थाने में आवेदन देने के बाद मृत गोवंश के शव को पोस्ट मार्टम के लिए पशु अस्पताल भिजवाया गया। गोमांस मिलने के मामले में सियासत भी गर्म
इधर, स्लॉटर हाउस की गाड़ी में मिले मांस में गोमांस की पुष्टि होने के बाद सियासत भी गरमा गई है। कांग्रेसियों के साथ निगम में विपक्षी पार्षद भी ‘शहर सरकार’ पर हमलावर हैं। सीनियर पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है। स्लॉटर हाउस की अनुमति का प्रस्ताव निगम परिषद में नहीं लाया गया। चुपचाप एमआईसी में इसकी अनुमति दे दी गई। जितनी बड़ी मात्रा में गोमांस मिला है, उसका मतलब है कि 650 से अधिक गायों का वध हुआ है। इसके लिए निगम ही जिम्मेदार है। मानवाधिकार आयोग सदस्य बोले-अवैध घुसपैठियों से गोकशी करवाया जा रहा
स्लॉटर हाउस की गाड़ी में रखे मांस में गोमांस की पुष्टि होने पर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग सदस्य प्रियंक कानूनगो का भी बयान आया है। सोशल मीडिया पर उन्होंने जिम्मेदारों को कठघरे में शामिल किया है। सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा कि भोपाल में सरकारी पैसे से बने नगर निगम के स्लॉटर हाउस में गो हत्या कर गोमांस को पैक करके बेचने के मामले में पकड़ाए असलम के विरुद्ध शिकायत थी कि वो अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को भोपाल लाकर गोकशी करवाता है। हमने पुलिस को जांच के निर्देश दिए थे। इसके बाद पुलिस ने असलम के बयान को हो सत्य मानकर हमें जो रिपोर्ट प्रेषित की थी, उसके अनुसार तो नगर निगम ही इस कत्लखाने का संचालक है। तो अब तय करिए कि निगम के किस अफसर पर मुकदमा बनना चाहिए? कानूनगो ने आगे लिखा- इसकी जड़ें गहरी हैं। भोपाल के आदमपुर छावनी में मृत पशुओं के शव के निष्पादन के लिए 5 करोड़ रुपए की सरकारी लागत से बना रेंडरिंगप्लांट भी इसी असलम चमड़े के पास है। ये दोनों संयंत्र इससे वापस लेने होंगे और अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों की जांच कर उन्हें भोपाल की पूज्य मातृ भूमि से बाहर खदेड़ना होगा


