सीधी में प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल ने योजनाओं के नामकरण को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर सभी सरकारी योजनाओं के नाम बदले जाएंगे। यह बयान शनिवार को सीधी शहर के होटल 7 इलेवन में ‘जी राम जी योजना’ की समीक्षा बैठक के दौरान आया, जब मीडिया ने उनसे भविष्य में अन्य योजनाओं के नाम भगवान श्रीराम, माता सीता या सनातन परंपरा से जुड़े नामों पर रखे जाने की संभावना पर सवाल किया। दिलीप जायसवाल ने स्पष्ट किया कि “अगर जरूरत पड़ी तो सभी योजनाओं के नाम बदले जाएंगे। जो भी नाम सनातन संस्कृति के पक्ष में होंगे और जिन पर हमें गर्व होगा, उन्हें जरूर अपनाया जाएगा।” उन्होंने आगे कहा कि यह केवल नाम बदलने का विषय नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और परंपरा को सम्मान देने की सोच है। बैठक का मुख्य उद्देश्य हाल ही में मुख्यमंत्री जन आवास योजना का नाम बदलकर ‘जी राम जी योजना’ किए जाने के बाद उसके क्रियान्वयन, प्रचार-प्रसार और ज़मीनी स्तर पर प्रभाव की समीक्षा करना था। इस बैठक में प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और पार्टी पदाधिकारी उपस्थित रहे। योजना के लाभार्थियों तक समय पर सहायता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए। प्रभारी मंत्री ने इस दौरान भाजपा सरकार की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार गरीब, किसान, महिला और युवाओं के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है और योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। योजनाओं का नाम भगवान राम के नाम पर रखे जाने को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर सवाल उठने लगे हैं। विपक्ष इसे धार्मिक ध्रुवीकरण का प्रयास बताकर सरकार पर आरोप लगा रहा है, जबकि भाजपा इसे सांस्कृतिक गौरव से जोड़ने की बात कह रही है। सीधी में हुई यह बैठक इस बात का स्पष्ट संकेत देती है कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश की राजनीति में योजनाओं के नाम बदलने की संभावना बनी हुई है।


