डिंडौरी में भाजपा पर इंदिरा-नेहरू को बदनाम करने का आरोप:इंदिरा ज्योति अभियान यात्रा प्रमुख ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस, कहा-सस्ती लोकप्रियता हासिल कर रही बीजेपी

डिंडौरी में इंदिरा ज्योति अभियान यात्रा शनिवार को नगर में पहुंची। इस दौरान यात्रा प्रमुख भास्कर राव रोकड़े ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी इंदिरा गांधी और जवाहरलाल नेहरू को बदनाम कर सस्ती लोकप्रियता हासिल करना चाहती है। उन्होंने बताया कि इस यात्रा का लक्ष्य इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री काल के दौरान हुए अच्छे कार्यों को जनता तक पहुंचाना है। वर्तमान स्थिति की तुलना 1970 के दशक से की रोकड़े ने देश की वर्तमान स्थिति की तुलना 1970 के दशक से की। उन्होंने कहा कि उस समय भी कुछ ‘गोडसेवादी’ और एकाधिकार पूंजीपतियों ने हाथ मिला लिया था, और राजा-महाराजाओं को विशेषाधिकार दिए गए थे। उन्होंने यह भी बताया कि उस दौर में कर्मचारियों की कमी के कारण सेवानिवृत्ति की आयु 58 साल की गई थी। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि अब हालात वैसे नहीं हैं, क्योंकि हर साल हजारों शिक्षित युवा निकल रहे हैं। रोकड़े ने 1970 के दशक में 1.7% बेरोजगारी दर के बावजूद हुए आंदोलनों का भी जिक्र किया। इंदिरा गांधी सरकार के इमरजेंसी दौर पर की चर्चा आपातकाल के मुद्दे पर, यात्रा प्रमुख ने केंद्र सरकार के 12 जुलाई 2024 के उस निर्णय का जिक्र किया, जिसमें 25 जून को इंदिरा गांधी की ओर से संविधान की ‘हत्या’ कर आपातकाल लगाने की बात कही गई थी। रोकड़े ने दावा किया कि उस समय आपातकाल अनिवार्य था, क्योंकि ‘प्रतिक्रियावादी शक्तियों’ ने आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था में हस्तक्षेप करना शुरू कर दिया था और तख्तापलट की तैयारी थी। उन्होंने आगे बताया कि इंदिरा गांधी ने संविधान के अनुच्छेद 352 का अध्ययन कर प्रस्ताव पारित करवाया और राष्ट्रपति के पास भेजा, जिसके बाद राष्ट्रपति ने आपातकाल की घोषणा की थी। इंदिरा गांधी के कार्यकाल में हुए कामों का किया जिक्र रोकड़े ने इंदिरा गांधी के निर्णयों को आज भी प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने 1959 के कांग्रेस अधिवेशन में कहा था कि देश को सही ढंग से चलाने के लिए राजा-महाराजाओं के विशेषाधिकार खत्म करने होंगे। उनके कार्यकाल में बैंकों और खदानों का राष्ट्रीयकरण किया गया। 1070 औद्योगिक केंद्र स्थापित किए गए। यात्रा प्रमुख ने याद दिलाया कि जब इंदिरा गांधी के आदेश पर पाकिस्तान के दो टुकड़े हुए थे, तब गुरु गोवलकर और अटल बिहारी वाजपेयी ने उन्हें ‘दुर्गा’ की संज्ञा दी थी। उन्होंने परमाणु परीक्षण करवाने और 101 देशों की अध्यक्ष बनने जैसी इंदिरा गांधी की अन्य उपलब्धियों का भी जिक्र किया। सिंधिया परिवार पर भी निशाना साधा भास्कर राव रोकड़े ने सिंधिया परिवार पर भी निशाना साधा। उन्होंने 1966 में पचमढ़ी में हुए युवक कांग्रेस सम्मेलन का उल्लेख किया, जहां तत्कालीन मुख्यमंत्री पंडित द्वारिका प्रसाद मिश्र ने कहा था कि राजा-महाराजाओं के कारण सरकार ठीक से नहीं चल पा रही है और राजशाही समाप्त करनी पड़ेगी। रोकड़े ने बताया कि उस समय कांग्रेस में रहीं राजमाता सिंधिया ने कुछ लोगों के साथ मिलकर सरकार गिरा दी और एक राजपरिवार के व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाया। वही 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किया।प्रेस कॉन्फ्रेंस में डिंडोरी विधायक ओमकार मरकाम, शहपुरा के पूर्व विधायक भूपेंद्र मरावी सहित कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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