मनरेगा का नाम बदलना भाजपा की ओछी सोच:कांग्रेस जिलाध्यक्ष बोले- भाजपा मनरेगा को खत्म करना चाहती है, हम संसद तक लड़ेंगे लड़ाई

पाली मनरेगा बचाओ संग्राम को लेकर शहर के कांग्रेस भवन में शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की गई। जिसमें कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिशुपाल सिंह निम्बाडा ने कहा कि ये लड़ाई सिर्फ सत्ता के अहंकार के खिलाफ़ नहीं है, बल्कि गरीब और मज़दूर के हक़ की रक्षा का संकल्प है। मोदी सरकार द्वारा मनरेगा को खत्म करना सिर्फ़ एक योजना को खत्म करना नहीं, बल्कि गरीब, मजदूर, किसान से उसका संवैधानिक हक़ छीनने का सुनियोजित षड्यंत्र है। आमजन की जीवन रेखा बन चुकी मनरेगा योजना को बचाने के लिए कांग्रेस सड़क से संसद तक लड़ाई लड़ेगी।
पाली विधायक भीमराज भाटी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और CPP चेयरपर्सन सोनिया गांधी के द्वारा महात्मा गांधी के नाम पर शुरू की गई मनरेगा दुनिया की सबसे बड़ी रोज़गार गारंटी योजना बनी। मनरेगा ने न सिर्फ ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ सशक्त की, बल्कि करोड़ों परिवारों को रोजी-रोटी, रोज़गार, सम्मान और अधिकार दिया। लेकिन मोदी सरकार दलगत राजनीति के चलते ‘सुधार’ के नाम पर जानबूझकर इस योजना खत्म कर रही है। ये लोग जो विकसित भारत-जीरामजी लेकर आए हैं, उसमें
न काम की कानूनी गारंटी है, न काम का संवैधानिक अधिकार है, न 100 दिन रोजगार की गारंटी है, न न्यूनतम मजदूरी का अधिकार है, न ग्राम पंचायत को काम देने का अधिकार है, मोदी सरकार की मर्जी से काम मिलेगा, सरकार के ठेकेदार काम तय करेंगे, फसल कटाई के मौसम में काम नहीं मिलेगा। कांग्रेस राज में पहले पुरा 100 प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार उठाती थी लेकिन अब 40% राज्य सरकार को देना होगा। जिससे प्रदेश की राज्य सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक भार बढ़ गया।

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