‘सब जानते हैं गंगा UP-बिहार से होकर कहां जाती है’:शिवपुरी में सिंधिया ने TMC को लेकर कहा- अब उन्हीं की बारी है

केंद्रीय मंत्री एवं गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को शिवपुरी प्रवास के दौरान विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन-SIR) प्रक्रिया की समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से संवाद किया तथा SIR कार्य में उनके योगदान की सराहना की। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संगठन किसी भी संस्था की आत्मा होता है। कार्यकर्ताओं की निष्ठा और मेहनत के कारण ही भारतीय जनता पार्टी आज विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन बनी है। SIR प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर सिंधिया ने कड़ा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जब चुनाव आयोग की प्रक्रियाओं के तहत भाजपा को जीत मिलती है, तब विपक्ष इन्हीं प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े करता है, लेकिन जब वही प्रक्रिया विपक्ष के पक्ष में जाती है तो उसे निष्पक्ष और लोकतांत्रिक बताया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह पहले भी लागू होती रही है। पारदर्शिता और संविधान में विश्वास रखने वालों को ऐसी प्रक्रियाओं से डरने की आवश्यकता नहीं होती। तृणमूल कांग्रेस पर भी किया कटाक्ष
तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर निशाना साधते हुए सिंधिया ने कहा कि पश्चिम बंगाल में हालिया घटनाक्रम के बावजूद सभी जानते हैं कि गंगा उत्तर प्रदेश और बिहार से होकर कहां जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका समय भी आने वाला है। शिवपुरी में मतदाताओं की संख्या 12.40 लाख पार
बैठक में जानकारी दी गई कि SIR प्रक्रिया के बाद शिवपुरी जिले में मतदाताओं की संख्या 12 लाख 40 हजार से अधिक हो चुकी है। नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए फॉर्म-6 से संबंधित कार्य लगातार जारी है। अपने संबोधन के अंत में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब संगठन, कार्यकर्ता और मतदाता आपस में मजबूत संबंध बनाते हैं, तभी लोकतंत्र सशक्त होता है और देश प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता है। गोराटीला और शेरगढ़ में विद्युत उपकेंद्रों का लोकार्पण
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शिवपुरी जिले के आदिवासी बहुल क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए गोराटीला में 5 करोड़ रुपए की लागत से बने विद्युत उपकेंद्र तथा शेरगढ़ में 2.85 करोड़ रुपए की लागत से बने विद्युत उपकेंद्र का लोकार्पण किया। इससे पहले, 9 जनवरी को उन्होंने कूड़ाराई में 2.4 करोड़, बसई में 2.5 करोड़ और टोंगरा में 2.34 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्रों का शिलान्यास भी किया था। आदिवासी क्षेत्र के विकास का सशक्त उदाहरण
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिंधिया ने कहा कि गोराटीला क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण है और चारों ओर जंगलों से घिरा हुआ है। यह इलाका वर्षों से विकास की प्रतीक्षा कर रहा था। उन्होंने कहा कि वे पिछले 25 वर्षों से इस क्षेत्र में आते रहे हैं और समय के साथ आए बदलाव इस बात का प्रमाण हैं कि जब विकास ईमानदारी से होता है, तो वह जमीन पर दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब गोराटीला में न पानी की टंकी थी, न बिजली और न ही सड़क। आज हालात यह हैं कि पाड़ोरा से गोराटीला का सफर, जो पहले ढाई घंटे का होता था, अब मात्र 15 मिनट में पूरा हो जाता है। 14 किलोमीटर लंबी सड़क इतनी मजबूत बनी है कि किसान का ट्रैक्टर चले तो एक दाना भी न गिरे। ऐसी सुदृढ़ सड़कें आज शहरों में भी दुर्लभ हैं।

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