भास्कर न्यूज | लुधियाना गोइंदवाल स्थित शनि गांव में शनिवार को हजारों श्रद्धालुओं ने शनि महाराज को तेल अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान आध्यात्मिक गुरु शून्य प्रभु और मुख्य सेवादार कर्मजीत सिंह मान ने भव्य आरती की। प्रवचन सभा में शून्य प्रभु ने कहा कि मनुष्य को अपनी इंद्रियों पर संयम रखने के लिए ध्यान को जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ध्यान हमारी आंतरिक ऊर्जा को अधोमुखी नीचे की ओर से ऊर्ध्वमुखी ऊपर की ओर ले जाता है। शून्य प्रभु ने दान की नई परिभाषा देते हुए कहा कि केवल धन चढ़ाना ही दान नहीं है। सच्ची सेवा और जरूरतमंदों की निस्वार्थ मदद ही वास्तविक दान है। उन्होंने प्रकृति संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि अपनी जन्मदात्री मां और प्रकृति मां की सेवा करना हर इंसान का परम कर्तव्य है। कर्मजीत सिंह मान और उनकी टीम ने दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था की। भक्तों ने न केवल माथा टेका बल्कि गुरु के वचनों को जीवन में उतारने का संकल्प भी लिया।


