प्रभु की शरण और गुरु की आज्ञा में ही जीवन की सार्थकता: आनंद स्वामी

भास्कर न्यूज | लुधियाना थरीके रोड स्थित श्री स्वामीनारायण मंदिर में मकर संक्रांति, लोहड़ी और माघी के उपलक्ष्य पर सत्संग का आयोजन किया गया। इस दौरान आनंद स्वामी महाराज ने भक्तों को आध्यात्मिक मार्ग दर्शन देते हुए पर्वों के वैज्ञानिक और धार्मिक महत्व को समझाया। स्वामी ने बताया कि इस वर्ष मकर संक्रांति के पावन अवसर पर ही षटतिला एकादशी का विशेष संयोग बन रहा है। सूर्य देव का मकर राशि में प्रवेश और एकादशी का साथ होना आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत फलदायी है। इस दिन किया गया दान अक्षय पुण्य की श्रेणी में आता है जिसका फल कभी समाप्त नहीं होता। परंपरा का निर्वहन करते हुए मंदिर का संत मंडल भक्तों के द्वार जाकर भिक्षा ग्रहण करेगा। स्वामी जी ने आह्वान किया कि श्रद्धालु अपनी सामर्थ्य अनुसार दान कर इस पुण्य कार्य के सहभागी बनें। जीवन दर्शन पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि ईश्वर ने धार्मिक विधियों की रचना मानव कल्याण के लिए ही की है। ठाकुर जी की प्रसन्नता के लिए गुरु की आज्ञा का पालन और प्रभु की शरणागति अनिवार्य है। केवल भक्ति मार्ग पर चलकर ही जीवन को आनंदमय बनाया जा सकता है।

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