भास्कर न्यूज़ | परपोड़ी स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर शासन द्वारा किए जा रहे बड़े-बड़े दावों की जमीनी हकीकत परपोड़ी में कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। इस स्वास्थ्य केन्द्र में 1 नगर पंचायत सहित 10 गांवों के लगभग 44 हजार 400 की आबादी निर्भर है। लेकिन इस स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों के लिए एक भी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सूचना पटल के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परपोड़ी का क्षेत्र भटगांव सेक्शन में नगर पंचायत परपोड़ी एवं ग्राम पंचायत भटगांव, बुडेरा,बगडूमार, कमकावाड़ा, सोनपांडर शामिल है जिसकी कुल आबादी 12994 है। वहीं गाड़ाडीह सेक्शन में कुल आबादी 7160 है। केहका सेक्शन में 7350, कोंगियाकला सेक्शन में 6870 वहीं कुरलू सेक्शन में कुल आबादी 9670 है। अंदाज लगा सकते हैं कि इस पूरी आबादी क्षेत्र में कोई घायल हो जाए, गंभीर रूप से बीमार हो तो एंबुलेंस 15 किलोमीटर दूर से ही आएगा। बताया जा रहा है कि विधायक ने स्वास्थ्य मंत्री को एंबुलेंस उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा है और शीघ्र व्यवस्था का आश्वासन मिला है। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के आरएमए डॉ ऐश्वर्य कुमार साहू ने बताया कि एंबुलेंस नहीं होने की जानकारी राज्य शासन को दी जा चुकी है। हैरानी की बात यह है कि बीते एक वर्ष से जीवनदीप समिति की बैठक तक आयोजित नहीं हो सकी है। मिली जानकारी के अनुसार जीवनदीप समिति के पदेन अध्यक्ष क्षेत्रीय विधायक हैं। पूर्व में बैठक उनके अनुमोदन से तय की गई थी, लेकिन किसी कारणवश उनके क्षेत्र से बाहर रहने के चलते बैठक स्थगित हो गई। अब तक केवल एक बार ब्लॉक मुख्यालय साजा में संयुक्त रूप से जीवनदीप समिति की बैठक हुई है। भौगोलिक दृष्टि से परपोड़ी नपं दुर्ग से सालेटेकरी को जोड़ने वाले राज्य मार्ग पर स्थित है, जहां आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं, बावजूद अब तक एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं हो पाई है।


