भोपाल घोषणा पत्र 2002 की 24वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर दलित बुद्धिजीवी वर्ग द्वारा विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा। इसे लेकर शनिवार को शहर में बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्र नेताओं की बैठक हुई, जिसमें रविवार को शांतिपूर्ण रैली और कैंडल मार्च निकालने का निर्णय लिया गया। अखिल भारत अनुसूचित जाति परिषद के प्रदेश अध्यक्ष हृदयेश किरार और प्रांतीय प्रवक्ता कमलेश खातरकर ने संयुक्त रूप से बताया कि 11 जनवरी की शाम 5 बजे बोर्ड आफिस स्थित इंडियन काफी हाउस प्रांगण से रैली शुरू होगी। रैली व्यापम चौराहा होते हुए बोर्ड आफिस स्थित डॉ बाबासाहेब आंबेडकर प्रतिमा तक पहुंचेगी, जहां राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसमें करीब सौ से अधिक बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता और छात्र शामिल होंगे। बैठक में कहा गया कि भोपाल घोषणा पत्र 12-13 जनवरी 2002 को आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में तैयार किया गया था, जिसे तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने स्वीकार किया था। इसमें भूमि सुधार, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण आदि से जुड़े 21 प्रमुख मुद्दे शामिल हैं।


