सीहोर में कड़ाके की ठंड और लगातार गिरते तापमान का असर अब सब्जियों के दामों पर दिखने लगा है। कोहरे के कारण फसलें खराब होने और मंडियों में आवक घटने से सब्जियों के भाव में उछाल आया है। बाजार में गोभी और मटर 25 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। हालांकि, राहत की खबर यह है कि कृषि विभाग ने वर्ष 2025-26 के लिए जिले में फल, सब्जी और मसाला फसलों के रकबे और उत्पादन में बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया है, जिससे भविष्य में उत्पादन बढ़ने और किसानों की आय सुधरने की उम्मीद है। कोहरे से जलने लगी फसलें, इसलिए बढ़े दाम सब्जियों के थोक विक्रेता सतीश दरोठिया ने बताया कि लगातार घने कोहरे और तेज ठंड के कारण खेतों में खड़ी फसलें जलने लगी हैं। इसी वजह से मंडियों में सब्जियों की आवक कम हो गई है और मांग के मुकाबले आपूर्ति न होने से भाव तेज हो गए हैं। बाजार में गोभी और मटर 25 रुपए प्रति किलो, बेलर, आलू, पालक, मेथी और भटे (बैंगन) 10 रुपए प्रति किलो तथा घना 5 रुपए प्रति किलो बिक रहा है। अगले साल 46 हजार हेक्टेयर में होगी उद्यानिकी खेती महंगाई के बीच जिले में उद्यानिकी फसलों के विस्तार की योजना भी सामने आई है। वर्ष 2024-25 में जिले में उद्यानिकी फसलों का कुल रकबा 45560.77 हेक्टेयर था, जिसे वर्ष 2025-26 में बढ़ाकर 46496.77 हेक्टेयर करने का प्रस्ताव है। इसी तरह, कुल उत्पादन 6,89,950.5 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 7,09,837.12 मीट्रिक टन तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। फल और सब्जियों का रकबा भी बढ़ेगा


