बाड़मेर में शीतलहर के साथ कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी है। तापमान लगातार गिरता जा रहा है। बीते तीन दिनों में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री गिरकर रविवार को 5.8 डिग्री पहुंच गया है। इस सीजन का सबसे कम तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने मकर संक्रांति तक सर्दी बढ़ने की संभावना जताई है। रामसर इलाके में खुले में बर्तनों में रखा पानी भी बर्फ बन गई। सर्दी के चलते लोगों की दिनचर्या भी बदल गई हे। लोग सुबह 10 बजे तक घरों में दुबके रहते है। दरअसल, नए साल की शुरुआत के साथ सर्दी अचानक बढ़ गई। तापमान लगातार गिरता जा रहा है। रात का पारा तो 6 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। दिन में भी सर्दी से राहत नहीं मिल रही है। सर्दी ने इन दिनों धूजणी छूटा दी है। ग्रामीण इलाकों मेें सर्दी का असर शहर की अपेक्षा ज्यादा है। वहां पर तापमान तो 5 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। वहीं इंडो-पाक बॉर्डर पर इस कड़ाके की ठंड में जवान अपनी ड्यूटी कर रहे है। बीती रात को शीतलहर के साथ कड़ाके की ठंड पड़ने के साथ रात 9 बजे बाद सड़कों पर सन्नाटा पसरा शुरू हो गया। लोग सर्दी से बचने के लिए घरों में जाने लगे। वहीं अलाव करते नजर आए। बाहर निकल रहे लोग पूरे शरीर को ऊनी कपड़ों से ढक कर निकल रहे है। रविवार को सुबह भी तेज ठंड की वजह से लोगो की आवाजाही कम नजर आई। रविवार को न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री से गिरकर 5.8 डिग्री पहुंच गया। वहीं शनिवार को अधिकतम तापमान 22.4 डिग्री दर्ज किया गया। दिन-रात के तापमान में 17 डिग्री का अंतर दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने मकर संक्रांति तक सर्दी का असर कम होने की संभावन नहीं है। साथ ही सर्द हवाओं का असर भी तेज रहेगा। जिसके चलते लोगों को ठंड से राहत नहीं मिलेगी। रामसर में जमी बर्फ बॉर्डर के इलाके रामसर में घरों के बाहर बर्तनों में रखा पानी सुबह बर्फ जम गई। इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि ग्रामीणों इलाकों में सर्दी का असर बहुत ज्यादा है। तीन दिनों में चार डिग्री गिरा पारा


