850 करोड़ की बिंजलवाड़ा सिंचाई परियोजना 3 साल से अधूरी:खरगोन के किसानों को नहीं मिल रहा सिंचाई लाभ, 30 जनवरी से उग्र आंदोलन की चेतावनी

खरगोन जिले की 850 करोड़ रुपए की बिंजलवाड़ा सिंचाई परियोजना तीन साल बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। परियोजना में लगातार हो रही देरी के कारण किसानों को अब तक सिंचाई का लाभ नहीं मिल पाया है। इसी को लेकर भारतीय किसान संघ ने 30 जनवरी से उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। यह पांचवीं बार है जब निर्माण एजेंसी और नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (एनवीडीए) ने काम पूरा करने के लिए नई समय-सीमा मांगी है। किसानों की शिकायतों पर नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (भोपाल) के मेंबर ऑफ इंजीनियर बीएल वर्मा और चीफ इंजीनियर सीएल करकरे ने परियोजना स्थल का निरीक्षण किया। उनके साथ स्थानीय एनवीडीए के ईई सीबी टटवाल, निर्माण एजेंसी जीवीपीआर के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने किसानों से चर्चा की और काम पूरा करने की समय-सीमा को लेकर सवालों के जवाब दिए। नौ महीने में चार आंदोलन, हर बार नई तारीख किसान प्रतिनिधि श्यामसिंह पंवार ने बताया कि पिछले नौ महीनों में किसान चार बार आंदोलन कर चुके हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। 15 जून को एडीएम रेखा राठौड़ ने काम पूरा करने का भरोसा दिया था, लेकिन बारिश के चलते कार्य रुक गया। इसके बाद किसानों के आंदोलन पर 30 नवंबर की समय-सीमा तय की गई। सनावद में 30 नवंबर के आंदोलन के बाद 16 दिसंबर और भीकनगांव में आंदोलन के बाद 30 दिसंबर का आश्वासन मिला। शनिवार को भोपाल से इंजीनियरों के पहुंचने पर किसानों ने उन्हें घेरकर पानी की मांग की, जिस पर अब 30 जनवरी की नई समय-सीमा दी गई है। तकनीकी खामियों से अटका प्रोजेक्ट परियोजना लगभग तीन वर्षों से लंबित है। पंप हाउस क्रमांक-5 तक, जो करीब दो किलोमीटर दूर है, पानी का पर्याप्त दबाव नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में शिवना बेल्ट तक पानी पहुंचना फिलहाल मुश्किल नजर आ रहा है। परियोजना की मुख्य पाइपलाइन का कार्य अधूरा है। चार नंबर पंप हाउस की मुख्य कनेक्टिविटी अब तक नहीं हो पाई है। वहां तक बिजली लाइन भी नहीं पहुंची है। अधिकारियों के अनुसार, दो नंबर पंप हाउस के बाद चार नंबर पंप हाउस का काम शुरू किया जाएगा। निर्माण एजेंसी जीवीपीआर के पास संसाधनों की कमी बताई जा रही है। वर्तमान में केवल 10 से 15 मशीनों से काम चल रहा है। पाइपों की भी कमी है। ऑर्डर दिए जा चुके हैं, लेकिन आपूर्ति में अभी समय लगने की बात कही जा रही है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *