हिमाचल प्रदेश के मंडी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदलकर ‘जी राम जी’ किए जाने के विरोध में धरना प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष आयोजित किया गया, जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री ठाकुर कौल सिंह भी उपस्थित थे। इस अवसर पर ठाकुर कौल सिंह ने कहा कि मनरेगा कानून को समाप्त कर ‘जी राम जी’ कानून लाने के विरोध में कांग्रेस पूरे देश में प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम मिटाना चाहती है, जिसे सफल नहीं होने दिया जाएगा। हिमाचल को नहीं दिया एक भी पैसा : कौल सिंह ठाकुर कौल सिंह ने यह भी बताया कि मोदी सरकार ने आपदा के दौरान प्रदेश के लोगों को राहत के नाम पर 1500 करोड़ रुपए देने की घोषणा की थी, लेकिन आज तक एक भी पैसा प्रदेश को नहीं मिला है। उन्होंने इस नए कानून को ‘काला कानून’ करार दिया और कहा कि जब तक इसे वापस नहीं लिया जाता, तब तक कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। बिलासपुर के पूर्व विधायक तिलक राज शर्मा ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने महात्मा गांधी गारंटी रोजगार योजना का नाम बदलकर ‘जी राम जी’ कर दिया है। शर्मा ने आरोप लगाया कि यह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम को मिटाने का प्रयास है, जिन्होंने देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। भगवान राम के नाम पर राजनीति कर रही भाजपा : शर्मा शर्मा ने कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा जिस तरह से भगवान राम के नाम पर राजनीति कर रही है, उससे भगवान राम का नाम भी बदनाम हुआ है। उन्होंने याद दिलाया कि यह योजना मनमोहन सिंह सरकार के कार्यकाल में लाई गई थी, जिससे गरीब मजदूरों को लाभ मिलता था, और इस योजना से छेड़छाड़ करना उचित नहीं है। मंडी जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंपा ठाकुर ने भी इस योजना का नाम बदलकर ‘जी राम जी’ किए जाने पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस ने यह योजना शुरू की थी, तब इसमें लोगों को 100 दिनों के रोजगार की गारंटी थी, लेकिन अब इस योजना से की गई छेड़छाड़ भाजपा की ‘घटिया मानसिकता’ को दर्शाती है। इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के कई अन्य वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी उपस्थित थे।


