ग्राम पंचायत बामलास और गुढ़ा बावनी में पिछले दो सप्ताह से चल रहा अवैध खनन विरोधी आंदोलन अब उग्र रूप लेता जा रहा है। ठिठुरती ठंड और शीतलहर के बावजूद ग्रामीणों का धरना रविवार को 14वें दिन भी जारी रहा। प्रशासन की अनदेखी से नाराज ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए आगामी 13 जनवरी (मंगलवार) को तहसील मुख्यालय के घेराव की घोषणा की है। प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ नारेबाजी धरने की अध्यक्षता हरिराम सीथल ने की। धरने के दौरान ग्रामीणों ने सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन की चुप्पी यह दर्शाती है कि कहीं न कहीं खनन माफियाओं को शह दी जा रही है। ‘पीले चावल’ बांटकर जनसंपर्क, बामलास धाम में टेकी धोक आंदोलन को व्यापक बनाने के लिए मरुसेना फाउंडेशन के एडवोकेट जयन्त मूंड के नेतृत्व में ग्रामीणों ने विशेष जनसंपर्क अभियान चलाया। कार्यकर्ताओं ने बामलास धाम पर धोक लगाकर अभियान की शुरुआत की। गुढ़ा बावनी, हुकुमपुरा और बामलास के गांवों में घर-घर जाकर ‘पीले चावल’ बांटे गए और ग्रामीणों से 13 जनवरी को तहसील घेराव में पहुंचने की भावुक अपील की गई। ये रहे मौजूद धरने में कॉमरेड हरिराम सीथल, कैप्टेन विनोद सिंह, नितेश बिजारणियां, लीलाधर मीणा, अब्दुल कायमखानी, भीम आर्मी के पवन मेघवाल, सूबेदार गिरधर सिंह, सवाई सिंह मीणा, सज्जन कुमार, सुरेन्द्र सिंह शेखावत, और भारी संख्या में मातृशक्ति (जीवनी देवी, शिमला देवी, सुलोचना देवी, सुमन देवी आदि) उपस्थित रहीं।


