पुलिस अब तक केवल शहरी क्षेत्रों में यातायात नियमों के पालन के लिए प्रयास कर रही थी, लेकिन अब ग्रामीण इलाकों में भी जागरूकता अभियान शुरू किए गए हैं। इसी कड़ी में रविवार शाम को अशोकनगर के लखेरी गांव में एक ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य वाहन चलाने वाले युवाओं के साथ-साथ बुजुर्गों को भी यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करना था। ग्रामीणों से कहा गया कि वे अपने बच्चों को बाइक पर हेलमेट पहनकर ही घर से निकलने दें। कार चालकों को भी सीट बेल्ट लगाने और यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। यातायात थाना प्रभारी स्नेहा ठाकुर अपनी टीम के साथ शाम को गांव पहुंचीं। उन्होंने सभी ग्रामीणों को मंदिर के पास एकत्रित किया और उन्हें यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया। राहवीर, कैशलेस जैसी योजनाओं की जानकारी दी
इस दौरान सरकार की विभिन्न योजनाओं जैसे राहवीर योजना, कैशलेस योजना और हिट एंड रन योजना के बारे में भी जानकारी दी गई। इन योजनाओं के तहत सड़क दुर्घटना में मृत्यु या गंभीर रूप से घायल होने पर मिलने वाली सहायता राशि के संबंध में बताया गया। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चारपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट अनिवार्य रूप से लगाने पर जोर दिया गया। साथ ही, वाहनों में रेडियम रिफ्लेक्टर लगाने, ओवरलोडिंग से बचने और ट्रैक्टरों में अतिरिक्त डीजल न रखने के संबंध में भी समझाया गया। कार्यक्रम के अंत में समस्त ग्रामीणों को यातायात नियमों का पालन करने की शपथ दिलाई गई। पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के निर्देशानुसार आयोजित इस यातायात चौपाल कार्यक्रम में थाना प्रभारी यातायात रक्षित निरीक्षक स्नेहा ठाकुर, प्रधान आरक्षक वेदप्रकाश तिवारी, आरक्षक रविंद्र यादव, आरक्षक बृखभान धाकड़ और चालक वीरेंद्र उपस्थित रहे। सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत यातायात चौपाल और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है।


