लोहड़ी के त्योहार को लेकर बाजार सज चुके हैं। देररात तक लोग खरीदारी करने में जुटे हैं। बाजारों में लोहड़ी मांगते बच्चे नजर आने शुरू हो गए हैं। इसी के साथ लोग गज्जक, मूंगफली, रेवड़ी की भी जमकर खरीदारी कर रहे हैं। पंजाब में नवविवाहित जोड़ियों और बच्चों की पहली लोहड़ी खास तौर पर जश्न के साथ मनाई जाती है। लेकिन इसे मनाने के तरीकों में समय के साथ खास बदलाव आए हैं। पहले जहां रेवड़ी, मूंगफली सिंपल पॉलीथीनों में एकदूसरे को दे दी जाती थी, वहीं, अब इनकी जगह खासतरीकों में सजे हैंपर्स ने ले ली है। ये हैंपर्स भी ढोल और पतंग समेत अलग-अलग डिजाइन में मौजूद हैं। जिन शादीशुदा लोगों या घर में जन्मे बच्चे की पहली लोहड़ी है, खासतौर पर वह लोग अब उनके लिए कस्टमाइज्ड केक का ऑर्डर दे रहे हैं। वहीं, जहां पहले यह त्योहार मोहल्लों और गलियों में मनाया जाता था, अब होटलों में मनाया जा रहा है। लोहड़ी के इन हैंपर्स को बेचने वाले दुकानदार गौरव चावला का कहना है कि ‘इन हैंपर्स के जरिए परंपरा को नया रंग देने की कोशिश की गई है। ढोल की आकार के हैंपर्स में चीजें पैक कर फुलकारी वाली लेस से सजाया गया है। जिसके बीड में मूंगफली व गज्जक भरी गई है। इसके ऊपर भांगड़ा करते व्यक्ति का स्टीकर भी लगाया गया है। साथ ही परंपरागत छज्ज में मूंगफली, गज्ज्क डालकर पैक किया गया है। उसे भी लटकन वाली लेस से आउटलाइन किया गया है।’ गौरव कहते हैं कि ऐसे हैंपर्स की इस समय बाजारों में काफी मांग है। लोग रिश्तेदारों को शगुन के रूप में इसे काफी पसंद कर रहे हैं, क्योंकि यह दिखने में काफी क्रिएटिव और प्रजेंटेबल लगते हैं। वह कहते हैं कि इसे पैक करने की शुरुआत एक हफ्ते पहले ही हो जाती है। ज्यादातर यह हैंपर्स प्री बुकिंग पर तैयार किए जाते हैं। वहीं, केक विक्रेता मयंक बजाज का कहना है कि इस पर्व पर केक कटिंग का ट्रेंड भी शुरू हो चुका है। जिनके यहां बच्चों की यह पहली लोहड़ी या शादी के बाद दंपती की पहली लोहड़ी है, वे कस्टमाइज्ड केक के अॉर्डर दे रहे हैं। इसमें रंग बिरंगी क्रीम से मूंगफली, लोहड़ी की अलाव और भांगड़ा करते लोग बने होते हैं। कुछ लोग केक पर लोहड़ी से संबंधित स्टैंड भी लगवाते हैं। बजाज बताते हैं कि इन कस्टमाइज्ड केक के रोजाना तीन से चार अॉर्डर उनके पास आ रहे हैं। वह कहते हैं कि पहले लोग सिंपल केक पर हैप्पी लोहड़ी लिखवाते थे पर अब ट्रेंड तेजी से बदल रहा है।


