भास्कर न्यूज | दंतेवाड़ा मोखपाल धान खरीदी केंद्र में रविवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में किसान अपने भरे बोरे लेकर केंद्र पहुंचे। लैंप्स प्रबंधन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने कहा कि सरकार ने प्रति एकड़ 21 क्विंटल खरीदी की बात कही है। केंद्र में सिर्फ 12 क्विंटल धान लिया जा रहा है। ऊपर से धान की गुणवत्ता खराब बताकर किसानों को लौटाया जा रहा है। इससे वे आर्थिक संकट में फंसते जा रहे हैं। किसानों ने कहा कि लगातार बारिश से नमी और रंग में बदलाव आया है। यह प्राकृतिक स्थिति है, जिसे आधार बनाकर धान न लेना उनकी मजबूरी बढ़ाना है। केंद्रों का रवैया मनमाना है। वे किसानों की समस्या नजरअंदाज कर रहे हैं। किसानों ने बताया कि प्रति एकड़ सिर्फ 12 क्विंटल धान खरीदने का निर्णय गलत है। उनका कहना है कि वास्तविक उत्पादन इससे कहीं अधिक है। सीमित खरीदी से भारी मात्रा में धान घरों में पड़ा है। धान की सुरक्षा और भंडारण एक बड़ी समस्या बन चुकी है। अगर उपज नहीं खरीदी जाएगी, तो किसान बर्बाद हो जाएंगे। विरोध कर रहे किसानों ने कहा कि खेती के लिए उन्होंने बैंक से कर्ज लिया है। खाद, बीज, मजदूरी और कीटनाशक पर भारी खर्च हुआ है। ऐसे में धान खरीदी न होने से कर्ज चुकाना असंभव होगा। प्रति एकड़ 21 क्विंटल की खरीदी तत्काल लागू की जाए। समाधान न हुआ तो अब आंदोलन और तेज होगा किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन जल्द समाधान नहीं निकालता तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। किसानों के अनुसार यह मुद्दा सिर्फ मोखपाल का नहीं, बल्कि जिले के हजारों किसानों की आजीविका से जुड़ा है।


