देवास जिले के सतवास में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान खुद को आग लगाने वाली जयश्री व्यास ने रविवार को दम तोड़ दिया। वह 18 दिनों से इंदौर के एक निजी अस्पताल में भर्ती थीं। घटना 24 दिसंबर 2025 की है, जब जयश्री और उनके पति संतोष व्यास ने प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली थी। संतोष व्यास को एक दिन पहले ही अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी। सतवास बस स्टैंड पर संतोष व्यास की स्टेशनरी और फोटोकॉपी की दुकान है। इसके अलावा उनका एक मकान कॉलोनी में निर्माणाधीन था, जिसे लेकर अतिक्रमण की शिकायत प्रशासन को मिली थी। शिकायत के बाद 24 दिसंबर को तहसीलदार अरविंद दिवाकर जेसीबी मशीन लेकर निर्माण हटाने पहुंचे थे। इसी दौरान संतोष और उनकी पत्नी जयश्री की तहसीलदार से बहस हो गई। गंभीर रूप से झुलस गए थे पति-पत्नी
विवाद के दौरान तहसीलदार के सामने ही संतोष और जयश्री व्यास ने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल आग बुझाकर दोनों को बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक दोनों गंभीर रूप से झुलस चुके थे। प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें सतवास से इंदौर रेफर किया गया था। जयश्री व्यास की दो सर्जरी भी की गईं
इंदौर में इलाज के दौरान जयश्री व्यास की दो सर्जरी भी की गईं। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा था, लेकिन शनिवार देर रात अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। रविवार सुबह करीब 11 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। जयश्री की मौत के बाद व्यास परिवार ने तहसीलदार द्वारा की गई कार्रवाई को अवैधानिक बताया है। परिजनों का आरोप है कि निर्माणाधीन मकान के लिए सभी आवश्यक अनुमतियां पहले ही ली जा चुकी थीं। फिलहाल, पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। थाने के पास चौराहे पर लगा था जाम
घटना के बाद नाराज परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने थाने के पास चौराहे पर जाम लगा दिया था। इससे दोनों ओर करीब तीन किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई थी। सूचना पर एडीएम संजीव जैन, एडिशनल एसपी सौम्या जैन और एसडीओपी आदित्य तिवारी मौके पर पहुंचे। हालात को संभालने के लिए सतवास, कांटाफोड़, कन्नौद, नेमावर, हरणगांव और खातेगांव थानों से पुलिस बल बुलाया गया था। अधिकारियों ने परिजनों को बताया था कि मामले में तहसीलदार अरविंद दिवाकर और नगर परिषद सीएमओ चुन्नीलाल जूनवाल को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही जांच के लिए दो सदस्यीय समिति गठित की गई, जिसमें एक एसडीएम और एक तहसीलदार को शामिल किया गया। परिजनों ने लगाए थे गंभीर आरोप
संतोष व्यास के भाई धर्मेंद्र व्यास ने आरोप लगाया कि पड़ोसी नारायण सोनी सरकारी जमीन पर कब्जा कर रहा था, जिसका अतिक्रमण पूर्व तहसीलदार द्वारा हटाया गया था। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है और इसी रंजिश के चलते सोनी परिवार धमकियां दे रहा था। वहीं, संतोष की भाभी सरस्वती व्यास ने आरोप लगाया कि घटना के बाद जब परिवार के सभी लोग थाने गए थे, तब घर पर सिर्फ महिलाएं मौजूद थीं। इसी दौरान पड़ोसी नारायण सोनी ने दो फायर किए और जान से मारने की धमकी दी। उधर, नारायण सोनी की बहन उमा सोनी थाने पहुंची और 12 बोर की बंदूक जमा कराई। उनका कहना है कि उनके भाई ने अपने बचाव में हवाई फायर किए थे। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।
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देवास जिले के सतवास में बुधवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान सरकारी अमले के सामने ही संतोष व्यास और उनकी पत्नी जयश्री ने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। दोनों गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें इंदौर के चोइथराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यहां जयश्री की हालत क्रिटिकल बताई जा रही है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… नया VIDEO…दूसरी महिला के हाथ में पेट्रोल, जिंदा जले पति-पत्नी देवास जिले के सतवास कस्बे में एक दंपती के कथित तौर पर आग लगाने के मामले में एक नया वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में दंपती तहसीलदार से बहस करने के साथ माचिस जलाने की कोशिश कर रहे हैं। तभी एक महिला उन पर बोतल में रखा पदार्थ फेंकती है और अचानक आग लग जाती है। पूरी खबर पढ़ें


