इंदौर की घटना से सबक:जर्जर पाइपलाइन बदल प्रोजेक्ट के तहत शहर में 136 किमी नई लाइन डालेंगे

इंदौर में हाल ही में गंदे पानी के चलते 21 लोगों की मौत ने यहां के नगर निगम और पीएचई विभाग को सतर्क कर दिया है। इसके बाद शहर में जल आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए बड़े स्तर पर काम शुरू कर दिया है। पिछले 10 दिनों में नागझिरी कॉलोनी, आदर्शनगर सेक्टर बी, क्षीरसागर, पंवासा, सिंधी कॉलोनी और छत्री चौक सहित कई क्षेत्र व कॉलोनियों से गंदे पानी मिलने की शिकायतें आई थी। यहां के लोगों ने बताया कि कई जगह पानी पीने योग्य तक नहीं आ रहा है। कुछ लोग फिल्टर पानी का उपयोग कर रहे हैं। इन शिकायतों को देखते हुए पीएचई विभाग ने पिछले 10 दिनों में 133 जगह लाइन में लीकेज चिह्नित किए हैं। इनमें से 115 जगह पर सुधार भी करवाया है। साथ ही वाल्व मरम्मत, ओवरहेड टैंकों की सफाई और जलभराव स्थलों पर भी काम किया है। निगम द्वारा गंदे पानी की शिकायत करने हेल्पलाइन नंबर 9406801060 एवं 0734-2535300 भी जारी किए, जहां पिछले 10 दिन से लोग पानी से संबंधित अपनी शिकायतें दर्ज करवा रहे हैं। प्रभारी निगम आयुक्त के निर्देशानुसार इन शिकायतों का समाधान 24 से 48 घंटों में किया जा रहा है। कई जगहों पर समस्या बनी हुई है, क्योंकि वहां कि पाइपलाइन की हालत काफी खराब है। ऐसी जगह जैसे महाश्वेतानगर, पांड्याखेड़ी में नई पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है। शहर की अधिकांश पाइपलाइन 1990 के दशक में डाली गई थी और अब जर्जर स्थिति में है। इसके अलावा शहर में लगातार हो रहे निर्माण कार्यों ने पाइपलाइन की स्थिति को और भी कमजोर कर दिया है। इस कारण नाली और मिट्टी का पानी जलप्रदाय की लाइन में मिलने खतरा बना हुआ है। 52 ओवरहेड टैंकों की जांच के बाद 40 साफ किए पीएचई विभाग के अनुसार पिछले 10 दिन में ही 133 चिह्नित मरम्मत व लीकेज के कार्य में से 115 पूरे कर लिए हैं। टीम ने सुबह से शाम तक कार्य करते हुए पाइपलाइन लीकेज ठीक की, वाल्व की मरम्मत की और ओवरहेड टैंकों की सफाई की। नगर निगम ने जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए 52 ओवरहेड टैंकों की जांच की, जिनमें से 40 टैंकों की सफाई हो चुकी, 12 का सफाई कार्य चल रहा है। हरियाखेड़ी से होंगे नए कनेक्शन, बनेगा विकल्प
शहर को 34 साल बाद गंभीर डेम के विकल्प के रूप में हरियाखेड़ी प्रोजेक्ट मिलेगा। 1113.07 करोड़ की लागत से बनने वाली यह योजना सिंहस्थ 2028 के दौरान 30 करोड़ श्रद्धालुओं और 2047 तक शहरवासियों की जल आवश्यकताओं को पूरा करेगी। प्रोजेक्ट में 49,000 नए कनेक्शन होंगे। लगभग 136 किलोमीटर नई क्लियर वॉटर पाइपलाइन बिछाई जाएगी और 534 किलोमीटर वितरण नेटवर्क तैयार होगा। पांच जल शोधन संयंत्र और 17 नए ओवरहेड टैंक बनाए जाएंगे, जबकि 44 पुराने टैंकों को मजबूत किया जाएगा।

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