सरहदी जैसलमेर जिले में सोमवार की सुबह कड़ाके की ठंड पड़ी। पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं (शीतलहर) ने जैसाण को इस कदर जकड़ा कि तापमान लुढ़ककर 2.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। नहरी क्षेत्र के भाटिया माईनर (चक संख्या 13) के मुरब्बों में तो नजारा कश्मीर जैसा था, जहां रेत के धोरों पर ओस नहीं, बल्कि बर्फ की सफेद चादर जमी नजर आई। सोमवार को सुबह हालांकि कोहरे से थोड़ी राहत मिली और आसमान साफ रहा, लेकिन सर्द हवाओं ने सब कुछ जमा दिया। जैसलमेर शहर सहित नहरी इलाकों व रामगढ़, कीता और अमरसागर आदि गांवों में घरों के बाहर खड़ी गाड़ियों की छतों, शीशों और बाइक की सीटों पर बर्फ जम गई। गाड़ियों पर जमी बर्फ, हटाते रहे लोग अलसुबह लोग प्लास्टिक के कार्ड या कपड़ों से गाड़ियों के शीशों पर जमी बर्फ को खुरचकर हटाते नजर आए। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हाड़ कंपाने वाली इस सर्दी का सितम अगले कुछ दिन और जारी रहने की संभावना है। जैसलमेर में सोमवार को सर्दी का यलो अलर्ट है। 14 और 15 जनवरी के बाद ही कुछ राहत मिलने की संभावना है। फसलों पर ‘बर्फ का प्रहार’, किसान चिंतित नहरी बेल्ट में पाले ने किसानों को नुकसान पहुंचाया है। रामगढ़, मोहनगढ़, कीता व नहरी इलाके से आई तस्वीरों में सरसों और जीरे की फसल पर बर्फ की परत साफ देखी जा सकती है। किसानों का कहना है कि पाला पड़ने से पौधों के भीतर का पानी जम गया है, जिससे फसल जलने (काली पड़ने) का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग सुबह 10 बजे तक अलाव जलाकर ठिठुरन कम करने की कोशिश करते रहे। किसान विशेष ध्यान दें कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, जिन खेतों में पाला पड़ा है, वहां किसान तुरंत हल्की सिंचाई करें। इसके अलावा, खेत की उत्तर-पश्चिमी दिशा में कचरा जलाकर धुआं करने से तापमान को 2-3 डिग्री तक बढ़ाया जा सकता है, जो फसलों को बचाने में मददगार होगा। सर्दी का यलो अलर्ट मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हाड़ कंपाने वाली इस सर्दी का सितम अगले कुछ दिन और जारी रहने की संभावना है। जैसलमेर में सोमवार को सर्दी का यलो अलर्ट है। 14 और 15 जनवरी के बाद ही कुछ राहत मिलने की संभावना है। जैसलमेर में कहां क्या हालात


