धरना-प्रदर्शन:मनरेगा समाप्ति पर कांग्रेस का उपवास; डोटासरा, जूली, रंधावा समेत विधायक, नेता और पार्टी कार्यकर्ता हुए शामिल

मनरेगा कानून के बदले नया कानून बीवी जी रामजी बनाने के खिलाफ रविवार को कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरी। प्रदेश मुख्यालय सहित सभी जिलों में पार्टी ने धरना दिया और पार्टी नेताओं ने एक दिन का उपवास रखा। पार्टी की ओर से चलाए जा रहे मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के अंतर्गत यह धरना व उपवास राजधानी में शहीद स्मारक पर रखा गया। इसमें प्रदेश पदाधिकारियों के अलावा बड़ी संख्या में पार्टी नेता, विधायक व कार्यकर्ता शामिल हुए। इनमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, प्रदेश प्रभारी सुखजिन्दर सिंह रंधावा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी धरने का हिस्सा बने। गरीबों की रोजी-रोटी छीनी : डोटासरा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मनरेगा कानून को निरस्त कर केन्द्र की भाजपा सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब की रोजी-रोटी छीनी है। कांग्रेस सरकार ने गरीब को उसका अधिकार दिया था। गरीब व्यक्ति की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई, परिवार पालने के साथ अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे पाए। अब केन्द्र सरकार ने गरीबों को संबल प्रदान करने वाली मनरेगा को समाप्त कर दिया है। भाजपा के नेता कभी गरीब के साथ रहे ही नहीं, इसलिए इस योजना को बंद किया है। ऐसा प्रदर्शित कर रहे हैं कि कांग्रेस का विरोध नाम बदलने के कारण है, जबकि वास्तविकता यह है कि केन्द्र की भाजपा सरकार ने पूरी योजना ही समाप्त कर दी। नई योजना के तहत न तो गरीब के लिए काम का अधिकार की गारंटी है, काम वहीं मिलेगा जहां केन्द्र सरकार आवंटित करेगी। भाजपा सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों के चुनाव नहीं करवाए, जिस कारण प्रदेश का 3000 करोड़ रुपए की केन्द्र से मिलने वाली राशि लैप्स होने की कगार पर है। केंद्र ने गरीब के साथ अन्याय किया : जूली नेता प्रतिपक्ष जूली ने मुख्यमंत्री से प्रश्न किया कि प्रदेश की विपरीत आर्थिक स्थिति के बावजूद क्या राजस्थान की भाजपा सरकार मनरेगा के स्थान पर लागू नई योजना के तहत राज्य का 40 प्रतिशत हिस्सा वहन करने के लिए तैयार है, इस बता की जानकारी दें। यह अन्याय है, इसलिये केन्द्र सरकार को तुरंत गरीब कल्याण हेतु मनरेगा योजना को पुन: लागू करना चाहिए। भाजपा नेताओं को गरीब से सरोकार नहीं प्रदेश प्रभारी रंधावा ने कहा कि पूरे देश में कांग्रेस पार्टी गरीबों की सुरक्षा के लिए बनाई गई मनरेगा को पुन: लागू कराने के लिए आन्दोलन कर रही है। भाजपा के नेताओं को गरीब से कोई सरोकार नहीं है, वे उद्योगपतियों के तो ऋण माफ कर देते हैं किन्तु गरीब कल्याण के लिए मनरेगा योजना चलाने के लिए उनके पास बजट देने की मंशा नहीं है।

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