चूरू के राजकीय डीबी अस्पताल में अब डॉक्टरों से परामर्श के लिए टोकन व्यवस्था लागू की जाएगी। यह प्रणाली मार्च या उसके बाद शुरू होगी, जिसका उद्देश्य मरीजों को पंजीयन काउंटर पर लंबी कतारों में लगने से बचाना है। इसके तहत, ओपीडी में आने वाले मरीजों को उनकी पर्ची के आधार पर टोकन नंबर दिया जाएगा, जिससे वे सीधे संबंधित डॉक्टर से परामर्श ले सकेंगे। इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए जनवरी में जयपुर से एक टीम सर्वे के लिए आएगी। यह टीम अस्पताल की ओपीडी, पर्ची काउंटर और दवा काउंटर का अवलोकन करेगी। इसके बाद, टीम नेटवर्किंग के माध्यम से सिस्टम विकसित करने और आवश्यक कंप्यूटर, प्रिंटर व अन्य उपकरणों की खरीद के लिए सुझाव देगी। अस्पताल प्रशासन इन सुझावों के आधार पर उपकरण खरीदेगा। प्रारंभ में यह व्यवस्था मेडिकल कॉलेज परिसर में फरवरी के पहले सप्ताह तक शुरू होने वाले नए अस्पताल में लागू की जाएगी। सात मंजिला नया अस्पताल भवन बनकर तैयार है और जनवरी के अंतिम सप्ताह तक इसे हैंडओवर किए जाने की संभावना है। इसके बाद, डीबीएच के पुराने अस्पताल में भी इस प्रणाली को लागू किया जाएगा। डिस्प्ले स्क्रीन पर भी दिखेगा वेटिंग नंबर
अस्पताल अधीक्षक डॉ. दीपक चौधरी ने बताया कि वर्तमान में चल रहे क्यू-आर कोड से ओपीडी की पर्ची लेने के बाद जांच केंद्र और निशुल्क दवा काउंटर पर मरीजों को अपना वेटिंग नंबर ऑनलाइन स्क्रीन पर दिखाया जाता है। नई व्यवस्था में संबंधित डॉक्टर का नाम और परामर्श के लिए वेटिंग नंबर भी डिस्प्ले स्क्रीन पर दिखेगा। अस्पताल प्रशासन टोकन नंबर भी जारी कर सकता है। मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. एमएम पुकार ने जानकारी दी कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में क्यू मैनेजमेंट सिस्टम सबसे पहले कॉलेज परिसर के नए अस्पताल में लागू होगा। यहां आर्थोपेडिक, सर्जरी, मेडिसिन, ईएनटी के साथ एनेस्थीसिया और रेडियो जैसे महत्वपूर्ण विभाग भी लाए जाएंगे। जयपुर की टीम इस नए सिस्टम को स्थापित करने में मदद करेगी। यह विभाग होंगे नये अस्पताल भवन में शिफ्ट
मेडिकल कॉलेज में बनाया गया 7 मंजिला नये अस्पताल भवन में आर्थो, मेडिसिन, सर्जरी एवं ईएनटी विंग को शिफ्ट किया जाएगा। इसके साथ ही एनेस्थिसिया एवं रेडियोलोजी विभाग को भी यहां शिफ्ट करने की योजना है। क्योंकि सर्जरी के लिए इन दोनों विंग का भी वहां होना जरूरी है।


