मकर संक्रांति के मौके पर राजस्थान के कलाकार प्रवीण कुमार की बनाई खास ‘ट्रेन काइट’ उस वक्त राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गई, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इसे उड़ाया। इस अनोखी पतंग के जरिए ऑपरेशन सिंदूर और नारी सशक्तिकरण का सशक्त संदेश दिया गया, जिसने देशभर में लोगों का ध्यान खींचा और राजस्थान की कला को नई पहचान दिलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने सोमवार को गुजरात के अहमदाबाद में साबरमती रिवर फ्रंट पर ‘अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव’ में हिस्सा लिया। इस दौरान राजस्थान के उदयपुर के रहने वाले प्रवीण कुमार और उनकी टीम से पीएम नरेंद्र मोदी ने बात भी की। पीएम मोदी ने जो ‘ट्रेन काइट’ उड़ाई, वो उदयपुर से बनाकर ले गए थे। साबरमती आश्रम के बाद मोदी-मर्ज साबरमती रिवर फ्रंट पहुंचे और इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल में शामिल होकर साथ में पतंग उड़ाई। साबरमती के तट पर उड़ी यह ‘ट्रेन काइट’ आज देशभर में चर्चा का विषय है। पतंग के जरिए ऑपरेशन सिंदूर और नारी सशक्तिकरण का मैसेज पतंग पर यह कला देखकर पीएम मोदी को काफी अच्छा लगा और उन्होंने पूरी टीम को एप्रिशिएट किया। प्रवीण कुमार हर बार कुछ न कुछ नया मैसेज देने की कोशिश करते है। उन्होंने बताया कि इस बार तिरंगे की थीम पर ये पतंग बनाई गई, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर और नारी सशक्तिकरण का मैसेज दिया गया। पतंग के माध्यम से दो प्रमुख संदेश उदयपुर में बनाई गई ‘ट्रेन काइट’ रही महोत्सव का आकर्षण इस महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण राजस्थान के उदयपुर के रहने वाले प्रवीण कुमार और उनकी टीम द्वारा तैयार की गई विशेष ‘ट्रेन काइट’ रही। जब प्रधानमंत्री मोदी ने इस लंबी और अनोखी पतंग को आसमान में उड़ाया, तो वहां मौजूद लोग मंत्रमुग्ध हो गए। इस पतंग को विशेष रूप से उदयपुर में तैयार किया गया था, जो अपनी जटिल बनावट और उड़ने की तकनीक के लिए चर्चा में रही। परंपरा और आधुनिक विषयों पर जागरूकता का संदेश प्रवीण कुमार अपनी कला के जरिए हमेशा कोई न कोई सामाजिक संदेश देने के लिए जाने जाते हैं। इस बार तिरंगे की थीम पर बनी पतंग पर उकेरी गई इस सूक्ष्म कला और उसके पीछे के अर्थपूर्ण संदेश को देखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेहद प्रभावित हुए। उन्होंने प्रवीण कुमार और उनकी पूरी टीम से व्यक्तिगत रूप से बात की और उनके हुनर की सराहना की। पीएम ने कहा कि इस तरह के प्रयास न केवल हमारी परंपरा को जीवित रखते हैं, बल्कि आधुनिक विषयों पर जागरूकता भी फैलाते हैं।


