भीलवाड़ा की प्रतापनगर थाना पुलिस ने संगठित साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 40 लाख रुपए की ठगी के मामले में मुख्य आरोपी जालौर जिले के पुलिस थाना रामसीन के हिस्ट्रीशीटर सहित एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले भी एक आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है। प्रतापनगर सीआई राजपालसिंह ने बताया कि 28 जुलाई 2025 को शहर के प्रमुख व्यवसायी मीठालाल सिंघवी ने थाने में रिपोर्ट दी थी कि 26 और 28 जुलाई को उनके मोबाइल पर अज्ञात नंबरों से वॉट्सऐप कॉल आई। कॉल करने वाले ने वॉट्सऐप डीपी पर नामी व्यक्ति पृथ्वीराज कोठारी की फोटो लगाकर खुद को कोठारी बताते हुए विश्वास में लिया और धोखाधड़ी कर अहमदाबाद में 40 लाख रुपए हवाला करवा लिए। ये होता था वारदात का तरीका पूछताछ में इन्होंने बताया कि जालौर, सांचौर और बालोतरा के आसपास रहने वाले लड़कों द्वारा संगठित अपराध और साइबर अपराध के जरिए इस वारदात को अंजाम देते थे । ये लोग किसी नामी व्यक्ति की फोटो वॉट्सऐप पर प्रोफाइल पिक्चर बनाकर लगाते थे, गिरोह का सदस्य ट्रू कॉलर पर उस व्यक्ति की आईडी बनाकर उस व्यक्ति के जान पहचान वाले व्यक्तियों को रुपयों की आवश्यकता बताते। हवाले के जरिए रुपए मंगवाकर ठगी की वारदात को अंजाम देते थे। अब तक हिस्ट्रीशीटर सहित तीन गिरफ्तार इस पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। इसके बाद हिस्ट्रीशीटर मोड़सिंह उर्फ विक्रमसिंह, निवासी मोदरा, थाना रामसीन और कैलाश सिंह पुत्र पुखराज राजपुरोहित निवासी उण, थाना आहोर, जिला जालौर को डिटेन कर पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए हिस्ट्रीशीटर मोड सिंह उर्फ विक्रम सिंह के खिलाफ शिवगंज, सिरोही, तिरुपति आंध्र प्रदेश, शाहीबाग गुजरात , मुंबई , इंदौर और भीलवाड़ा के प्रताप नगर में कुल 7 आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोपियों को पकड़ने टीम में प्रताप नगर थाना प्रभारी राजपाल, एएसआई उदयलाल, हेड कॉन्स्टेबल सुनील कुमार, कॉन्स्टेबल रामनिवास, नरेंद्र सिंह, प्रकाश और पिंटू शामिल रहे।


