अवैध खनन के खिलाफ अब जन-आक्रोश चरम पर है। ग्राम पंचायत बामलास और गुढ़ा बावनी में जारी अवैध खनन के विरोध में ग्रामीणों का धरना आज 15वें दिन भी जारी रहा। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बावजूद ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। सोमवार को आंदोलनकारियों ने प्रशासन की कार्यशैली पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए प्रशासन की सांकेतिक शवयात्रा निकाली और जमकर नारेबाजी की। 13 तारीख को ‘ट्रैक्टर रैली’ के साथ होगा घेराव मरुसेना अध्यक्ष एडवोकेट जयन्त मूंड ने धरने को संबोधित करते हुए बड़े आंदोलन का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि आगामी 13 तारीख को गुढ़ागौड़जी तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार और खनन माफियाओं के गठजोड़ के विरुद्ध हल्ला बोल कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। धरना स्थल से सैकड़ों ग्रामीण ट्रैक्टर रैली के रूप में हाथों में तिरंगा लेकर तहसील मुख्यालय पहुंचेंगे। तहसील कार्यालय का घेराव कर मुख्यमंत्री के नाम पुनः ज्ञापन सौंपा जाएगा। जब तक अवैध खनन पर पूर्ण विराम नहीं लगता और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, धरना समाप्त नहीं होगा। पीले चावल बांटकर मांगा समर्थन आंदोलन को व्यापक बनाने के लिए आज आस-पास की ढाणियों और घरों में पीले चावल बांटकर ग्रामीणों को 13 तारीख के ‘हल्ला बोल’ में शामिल होने का न्यौता दिया गया। जनसंपर्क के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी जाहिर की। प्रशासन और माफिया की मिलीभगत का आरोप एडवोकेट जयन्त मूंड ने सीधे तौर पर स्थानीय प्रशासन और तहसीलदार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उदयपुरवाटी क्षेत्र में खनन माफियाओं को अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने कहाअरावली की पहाड़ियों और काटली नदी में दिन-रात अवैध ब्लास्टिंग और खनन हो रहा है। थाने और तहसील कार्यालय भ्रष्टाचार के केंद्र बन चुके हैं, जहां बिना सुविधा शुल्क के कोई काम नहीं होता। इनकी रही मौजूदगी धरने में कैप्टेन विनोद सिंह हुकुमपुरा, जेपी महला, प्रदीप यादव बामलास, दारासिंह मेघवंशी, फूलचंद मेघवाल, संदीप मीना, सज्जन सिंघा, विजय खेदड़, हरिराम, अनिल खेदड़, और अब्दुल कायमखानी सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और युवा उपस्थित रहे।


