शेखावाटी विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा झुंझुनूं के मोरारका राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय का परीक्षा केंद्र बदले जाने के निर्णय ने तूल पकड़ लिया है। इस फैसले के विरोध में आज विभिन्न छात्र संगठनों के नेतृत्व में विद्यार्थियों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित छात्रों ने कॉलेज परिसर पहुंचकर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कॉलेज के तीनों मुख्य द्वारों पर तालाबंदी कर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन कर रहे छात्र नेताओं ने कहा कि शेखावाटी विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार छात्र हितों की अनदेखी कर रहा है। मोरारका कॉलेज के छात्रों का परीक्षा केंद्र शहर से दूर या अन्य कॉलेजों में आवंटित करना विद्यार्थियों के साथ अन्याय है। छात्र संगठनों का कहना है कि इस निर्णय से न केवल छात्रों को आवागमन में असुविधा होगी, बल्कि उनके मानसिक और आर्थिक हितों पर भी कुठाराघात किया जा रहा है। छात्र शक्ति ने दिखाई एकजुटता इस विरोध प्रदर्शन में किसी एक संगठन के बजाय सभी छात्र संगठनों ने एकजुटता दिखाई। मौके पर मौजूद छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक परीक्षा केंद्र को यथावत (उसी कॉलेज में) नहीं रखा जाता, तब तक उनका यह आंदोलन थमेगा नहीं। प्रदर्शन के दौरान छात्र नेता पंकज गुर्जर और NSUI अध्यक्ष राहुल जाखड़ प्रमुख रूप से मौजूद रहे और छात्रों का नेतृत्व किया। प्रमुख मांगें आंदोलनकारी छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के माध्यम से विश्वविद्यालय को चेतावनी दी है। मोरारका कॉलेज का परीक्षा केंद्र तुरंत प्रभाव से पुनः इसी कॉलेज में स्थापित किया जाए। छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तानाशाही पूर्ण फैसलों को वापस लिया जाए। यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जल्द ही सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो आगामी दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। कामकाज रहा ठप तालाबंदी के कारण कॉलेज का शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य पूरी तरह से ठप रहा। काफी देर तक छात्र गेट पर डटे रहे और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी रखा। छात्रों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए स्थानीय पुलिस और प्रशासन भी मुस्तैद नजर आया।


