मध्यप्रदेश में आगामी वित्तीय वर्ष 2026–27 के बजट की तैयारी शुरू हो गई है। डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा का कहना है कि हाल ही में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में दिल्ली में सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों की प्री-बजट बैठक हुई थी, जिसमें मध्यप्रदेश की ओर से भी अपना पक्ष रखा गया। एक दिवसीय दौरे पर जबलपुर पहुंचे वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि साल 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ के लिए केंद्र सरकार से बजट में 20,000 करोड़ रुपए के विशेष पैकेज की मांग की गई है। डिप्टी सीएम ने कहा कि सिंहस्थ पर्व पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु शिप्रा में स्नान कर भगवान महाकाल के दर्शन करते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा की दृष्टि से राज्य सरकार द्वारा उज्जैन एवं आसपास के क्षेत्रों में सड़क, घाट, पुल-पुलिया, यात्रियों के ठहरने के स्थल और चिकित्सालयों का निर्माण और अन्य मूलभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश के विकास के लिए बजट पर भी चर्चा की गई है। प्रदेश की जनता से मध्य प्रदेश के बजट को लेकर सुझाव मांगे गए हैं। बजट को लेकर सभी क्षेत्रों के लोगों को आमंत्रित कर संवाद भी किया गया, जिसमें प्रदेश के राजस्व को बढ़ाने, उत्पादन क्षमता में वृद्धि करने और बजट में नए प्रावधान शामिल करने के लिए सुझाव लिए गए। जनता की ओर से अच्छे सुझाव प्राप्त हुए हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि इन सुझावों का अध्ययन कर उन्हें आगामी बजट में शामिल किया जाएगा। ‘जो विधि सम्मत होगा, वह किया जाएगा’ मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने प्रोविजन पीरियड में सरकारी कर्मचारियों को एरियर्स राशि देने के निर्देश सरकार को दिए हैं, जिससे सरकार पर वित्तीय बोझ भी पड़ेगा। इस मामले पर जब वित्त मंत्री से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह न्यायालय का विषय है और जो भी विधि सम्मत होगा, उस पर सरकार विचार करेगी। जगदीश देवड़ा बोले- पेयजल के लिए सरकार गंभीर है इंदौर में दूषित पानी पीने से लगातार हो रही मौतों पर वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि पेयजल को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सरकार को जो भी आवश्यक कदम उठाने होंगे, वह किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पेयजल का मामला अत्यंत गंभीर है और सरकार इसे पूरी गंभीरता से ले रही है, चाहे इंदौर हो, भोपाल हो या फिर जबलपुर। हम चाहते हैं कि प्रदेशभर में सभी लोगों को शुद्ध पानी उपलब्ध कराया जाए। इंदौर में हुई घटना को वित्त मंत्री ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने प्रदेश में होने वाले हिंदू सम्मेलन को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आरएसएस अपने शताब्दी वर्ष में हिंदू सम्मेलन करवा रही है। राज्य सरकार और मुख्यमंत्री की नाकामी से जिन 21 लोगों की मौत हुई, वे भी हिंदू थे। उनकी मृत्यु पर संवेदनशीलता दिखाने के बजाय हिंदू सम्मेलन आयोजित कर कुछ लोग देश में फिर आग लगाना चाहते हैं। दिग्विजय सिंह के इस बयान पर डिप्टी सीएम ने कहा कि अब उनकी बातों को कोई गंभीरता से नहीं लेता। मुझे उनके बारे में कुछ नहीं कहना है।


