बूंदी जिले के देई थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में पॉक्सो कोर्ट क्रम संख्या-2 ने आरोपी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला बूंदी पुलिस और अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। यह प्रकरण केस ऑफिसर स्कीम के तहत चुना गया था। बूंदी के जिला पुलिस अधीक्षक राजेंद्र कुमार मीणा ने इस योजना के तहत चयनित मामलों में गवाहों की समय पर और सुरक्षित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसका उद्देश्य आरोपियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने में अभियोजन पक्ष को सहयोग करना था। पुलिस थाना देई में यह मामला 14 अप्रैल 2025 को पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज किया गया था। देई थानाधिकारी ने अनुसंधान पूरा करने के बाद आरोपी के खिलाफ पॉक्सो कोर्ट क्रम संख्या-2, बूंदी में आरोप पत्र पेश किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिला पुलिस अधीक्षक बूंदी के निर्देश पर 8 अगस्त 2025 को इसे केस ऑफिसर स्कीम में शामिल किया गया। देई थानाधिकारी, पुलिस निरीक्षक कमलेश कुमार को इस मामले का केस ऑफिसर नियुक्त किया गया। उन्होंने प्रत्येक सुनवाई पर न्यायालय में उपस्थित होकर गवाहों के बयान दर्ज करवाए, जिससे प्रकरण का त्वरित निस्तारण संभव हुआ और आरोपी को सजा मिली। कोर्ट ने 12 जनवरी 2026 को आरोपी को दोषी करार दिया। इसके बाद उसे यह कठोर सजा सुनाई गई।


