पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन मार्केट से ₹5,000 करोड़ जुटाएगा:16 जनवरी से NCD इश्यू खुलेगा, निवेशकों को 7.30% तक सालाना ब्याज मिलेगा; जानें निवेश का तरीका

पावर सेक्टर को लोन देने वाली सरकारी महारत्न कंपनी पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन बाजार से ₹5,000 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। कंपनी इसके लिए अपना ‘ट्रेंच-1’ सिक्योर नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCD) का पब्लिक इश्यू ला रही है। यह इश्यू 16 जनवरी 2026 से निवेश के लिए खुल जाएगा। 16 जनवरी को खुलेगा और 30 जनवरी को बंद होगा इश्यू PFC का यह इश्यू शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को खुलेगा और शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 को बंद होगा। हालांकि, कंपनी के पास यह विकल्प रहेगा कि वह इसे तय समय से पहले बंद कर दे या इसकी तारीख आगे बढ़ा दे। कम से कम निवेश की बात करें तो निवेशकों को कम से कम ₹10,000 (10 NCD) लगाने होंगे। इसके बाद आप ₹1,000 के मल्टीपल में निवेश बढ़ा सकते हैं। केयर, क्रिसिल और इक्रा ने दी AAA रेटिंग सरकारी कंपनी होने के साथ-साथ रेटिंग एजेंसियों ने भी इस निवेश को काफी सुरक्षित बताया है। केयर रेटिंग्स, क्रिसिल और इक्रा (ICRA) तीनों ने ही इसे ‘AAA; स्टेबल’ रेटिंग दी है। निवेश की दुनिया में इस रेटिंग का मतलब सबसे सुरक्षित माना जाता है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टिंग होगी कंपनी ने बताया कि बेस इश्यू ₹500 करोड़ का है, लेकिन ज्यादा रिस्पॉन्स मिलने पर ‘ग्रीन शू ऑप्शन’ के जरिए इसे ₹5,000 करोड़ तक ले जाया जा सकता है। इन डिबेंचर्स को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर लिस्ट किया जाएगा। कहां खर्च होगा जुटाया गया पैसा? PFC ने साफ किया है कि इस इश्यू से मिलने वाली रकम का कम से कम 75% हिस्सा आगे लोन देने और कंपनी के पुराने कर्जों को चुकाने में इस्तेमाल होगा। वहीं, बाकी बचा 25% हिस्सा कंपनी के सामान्य कामकाज (कॉर्पोरेट पर्पस) पर खर्च किया जाएगा। जीरो कूपन NCD से जो पैसा आएगा, उसका इस्तेमाल सिर्फ लोन देने के लिए ही होगा। पिछले साल कमाया ₹30,514 करोड़ मुनाफा PFC की वित्तीय स्थिति काफी मजबूत है। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹1,06,501.62 करोड़ रहा था और कंपनी ने ₹30,514.40 करोड़ का शुद्ध मुनाफा कमाया था। वहीं, सितंबर 2025 में खत्म हुई छमाही में भी कंपनी ने ₹16,815.84 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। एक्सपर्ट्स की टीम संभाल रही है जिम्मेदारी इस इश्यू को सफल बनाने के लिए टिप्सन्स कंसल्टेंसी, ए.के. कैपिटल सर्विसेज, नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट और ट्रस्ट इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स को लीड मैनेजर बनाया गया है। वहीं, बीकन ट्रस्टीशिप डिबेंचर ट्रस्टी और केफिन (KFin) टेक्नोलॉजीज इस इश्यू के रजिस्ट्रार हैं।

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