राजधानी में सोमवार को कर्मचारी महासंघ की महारैली से शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। रामनिवास बाग से 22 गोदाम तक निकली रैली के कारण करीब 6 घंटे तक आधा जयपुर जाम में फंसा रहा। मुख्य मार्गों पर वाहन रेंगते नजर आए और लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे। यहां रहा जाम रैली के चलते टोंक रोड, जेएलएन मार्ग, एमआई रोड, सी-स्कीम, सिविल लाइंस, सोढ़ाला, अजमेर रोड, बनीपार्क, पानीपेच, सीकर रोड और झोटवाड़ा तक भारी ट्रैफिक जाम लगा। सुबह से लेकर शाम तक हालात ऐसे रहे कि कई जगह एम्बुलेंस-स्कूल बसें भी जाम में फंसती रहीं। दो वीवीआईपी मूवमेंट रैली के दौरान शहर में दो वीवीआईपी मूवमेंट तय थे। दोपहर करीब पौने तीन बजे 22 गोदाम के पास सहकार मार्ग पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का काफिला भी जाम में फंस गया। मुख्यमंत्री एसएमएस स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम से लौटकर निवास जा रहे थे, तभी रैली 22 गोदाम पहुंच गई। अचानक ट्रैफिक रुकने से सीएम का काफिले को भी धीमा करना पड़ा राज्यपाल का काफिला इसी दौरान राज्यपाल का काफिला भवानी निकेतन में आयोजित सैन्य कार्यक्रम के लिए रवाना होना था, जिस पर ट्रैफिक पुलिस को अलग से रूट लाइन लगाई गई। इससे आसपास के इलाकों में यातायात दबाव और बढ़ गया। हर साल वही जगह, वही परेशानी कर्मचारी महासंघ की यह महारैली हर साल विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले निकाली जाती है। इसके बावजूद इसे शहर के बीचोंबीच निकाली जाती है। बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए रैली को शहर से बाहर शिफ्ट करने की मांग हर साल उठती है, फिर भी यहीं पर अनुमति दे देते हैं। बड़ी रैली फिर भी ट्रैफिक अलर्ट नहीं पुलिस ने शहर में इतनी बड़ी रैली निकालने की अनुमति तो जारी कर दी, लेकिन पर्याप्त व्यवस्था नहीं की। वहीं आमजन के लिए इसके संबंध में कोई अलर्ट जारी किया। न तो ट्रैफिक डायवर्जन किया और ना ही वैकल्पिक मार्गों की पर्याप्त व्यवस्था की गई।


