प्रोफेसर पति-पत्नी ने छात्रों के एडमिशन फीस का किया गबन:पैसे लेकर निजी खाते में जमा करवाए, कोर्ट के आदेश पर 10 महीने बाद FIR

दुर्ग जिले के प्रिज्म कॉलेज ऑफ फार्मेसी के प्रोफेसर पति-पत्नी ने लाखों रुपए का गबन किया है। उतई में पदस्थ दो असिस्टेंट प्रोफेसरों ने 12 छात्रों से एडमिशन की फीस ली, लेकिन उसे कॉलेज के खाते में जमा ना कर अपने निजी खाते में डिपोजिट करवा लिया। मामला उतई थाना क्षेत्र का है। छात्रों से कुल 3 लाख 45 हजार रुपए लिए गए थे। शिकायत के बाद जब पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो कॉलेज की प्राचार्य सीमा कश्यप ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने शिकायत के 10 महीने बाद अपराध दर्ज किया है। आरोपियों की तलाश जारी है। जानिए आखिर क्या है पूरा मामला जिले के उतई महेकाखुर्द के प्रिज्म कॉलेज ऑफ फार्मेसी की प्राचार्य सीमा कश्यप ने कोर्ट में आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन में बताया गया कि कॉलेज में सत्र 2023 में नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर सागर शर्मा और उनकी पत्नी गुरदीप कौर शर्मा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए छात्रों से कॉलेज के नाम पर फीस की राशि वसूल की। आरोप है कि सत्र 2023 में प्रथम वर्ष के 6 छात्रों से प्रति छात्र 20 हजार रुपए नगद लिए गए। यह राशि न तो कॉलेज के खाते में जमा की गई और न ही छात्रों को कोई रसीद दी गई। जब फरवरी 2025 में कॉलेज द्वारा छात्रों से फीस की मांग की गई, तब छात्रों ने इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। इसके बाद सत्र 2024 के 6 अन्य छात्रों से भी फीस की राशि अनुचित तरीके से आरोपियों ने स्वयं के निजी खातों व अपने भाई के खाते में यूपीआई के माध्यम से मिली। आंतरिक जांच में दोषी पाए गए, फिर की पुलिस से शिकायत मामले की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज प्रबंधन ने सीनियर फैकल्टी सदस्यों की 3 सदस्यीय जांच समिति गठित की। समिति ने 24 फरवरी 2025 को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें सागर शर्मा और गुरदीप कौर शर्मा को दोषी पाया गया। समिति की अनुशंसा पर आरोपियों को तीन दिन के भीतर छात्रों से ली गई पूरी फीस कॉलेज को लौटाने के निर्देश दिए गए। हालांकि आरोपियों ने कुल 3 लाख 45 हजार रुपए में से केवल 1 लाख 95 हजार रुपए ही वापस किए। शेष राशि अब तक जमा नहीं की गई। सवालों के घेरे में रही पुलिस की भूमिका, एसपी से शिकायत के बाद भी एफआईआर नहीं की कॉलेज प्रबंधन द्वारा 6 मार्च 2025 को थाना उतई में लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके बाद 12 मई 2025 को SP को भी शिकायत सौंपी गई, बावजूद इसके कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। थक-हारकर प्राचार्य सीमा कश्यप कोर्ट पहुंची। आवेदन शपथपत्र और सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्रस्तुत किया गया। न्यायालय ने भी माना कि आरोपियों ने अपने पद का दुरुपयोग कर छात्रों से फीस वसूली और उसे कॉलेज के खाते में जमा न कर निजी उपयोग में लिया। इसके बाद कोर्ट ने पुलिस को अपराध पंजीबद्ध करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा- की गई कार्रवाई से भी करवाए अवगत न्यायालय ने थाना प्रभारी उतई को निर्देशित किया है कि आरोपियों सागर शर्मा और गुरदीप कौर शर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 316 एवं 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज कर विधिवत विवेचना शुरू की जाए। साथ ही, की गई कार्रवाई की जानकारी नियत तिथि पर न्यायालय में प्रस्तुत करने के भी आदेश दिए गए हैं। बता दें कि उतई में प्रिज्म कॉलेज 2023 से ही स्थापित हुई है। इसी सत्र में प्रवेश लेने वाले छात्रों के साथ ही पति-पत्नी प्रोफेसर दंपति ने फीस की राशि अपने खाते में रखना शुरू कर दिया। यह सिलसिला अगले सत्र में भी जारी रहा।

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