झालावाड़ में जिले के प्रभारी मंत्री और गोपालन मंत्री ओटाराम देवासी ने ‘विकसित भारत–जी राम जी योजना’ को ग्रामीण भारत के सामाजिक और आर्थिक ढांचे में निर्णायक परिवर्तन लाने वाली योजना बताया। उन्होंने सोमवार को गोविंदपुरा ग्राम पंचायत में आयोजित जनसुनवाई एवं रात्रि चौपाल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। मंत्री देवासी ने कहा कि यह पहल केवल अस्थायी रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों में स्थायी आजीविका और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार तैयार करेगी। उन्होंने इस योजना को विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों को योजना के विभिन्न पहलुओं और लाभों की जानकारी दी। मंत्री ने बताया कि ‘विकसित भारत–जी राम जी योजना’ को विकसित भारत–2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप तैयार किया गया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने गरीब, किसान और श्रमिक वर्ग को केंद्र में रखते हुए नरेगा को नए स्वरूप और बेहतर प्रावधानों के साथ आगे बढ़ाया है। देवासी ने योजना के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका लक्ष्य नरेगा में व्याप्त कमियों को दूर करना है। उन्होंने पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने और राज्यों के सहयोग से व्यवस्था का पूर्ण डिजिटलीकरण करने की बात कही।


