मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर सिद्ध बाबा धाम में कल विशाल मेले का आयोजन किया जाएगा। घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच स्थित यह प्राचीन शिव मंदिर अब आस्था, इतिहास और विकास का प्रतीक बन चुका है। केदारनाथ धाम की तर्ज पर निर्मित भव्य मंदिर हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है, जिससे यह क्षेत्र भक्ति और उत्सव के रंग में रंग जाएगा। कुछ वर्ष पहले तक यह प्राचीन शिव मंदिर जीर्ण-शीर्ण अवस्था में था। हालांकि, अब इसे केदारनाथ धाम की शैली में भव्य रूप दिया गया है। विशेष रूप से रात में जब मंदिर रोशनी से जगमगाता है, तो सिद्ध बाबा पर्वत पर एक दिव्य छटा बिखर जाती है, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। मंदिर में रहेंगी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं मंदिर समिति के सक्रिय सदस्य विकास श्रीवास्तव ने बताया कि जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के सहयोग से मंदिर का व्यापक कायाकल्प संभव हुआ है। जिला प्रशासन ने बिजली, पानी, सीढ़ियां, चबूतरे और अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। सिद्ध बाबा धाम अब केवल एक पूजा स्थल नहीं, बल्कि जिले का एक महत्वपूर्ण धार्मिक पर्यटन केंद्र बन गया है।मकर संक्रांति के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालु भगवान शिव को तिल-गुड़ अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। पारंपरिक व्यंजनों की दुकानें लगेंगी मंदिर समिति द्वारा एक विशाल भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा, जहां सभी जाति-धर्म के लोग प्रसाद ग्रहण कर सकेंगे। मेले में पूजा सामग्री, बच्चों के खिलौने, प्रसाद, तिल-गुड़ के लड्डू और पारंपरिक व्यंजनों की दुकानें विशेष रौनक बढ़ाएंगी। यह धाम मध्यप्रदेश की सीमा से सटा हुआ है, जिसके कारण छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश दोनों राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।


