करौली जिला मुख्यालय पर 10वें सशस्त्र सेना भूतपूर्व सैनिक दिवस के अवसर पर जिला सैनिक कल्याण कार्यालय में सम्मान समारोह और विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं को सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने उनकी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई गईं। इनमें सेवानिवृत्त सैनिकों के लिए कैंटीन संबंधी लाइसेंस का नवीनीकरण जिला मुख्यालय पर ही किए जाने, ईसीएचएस में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियमित नियुक्ति, सैनिक कल्याण कॉम्प्लेक्स का निर्माण तथा शहीद कैप्टन कमल राम के नाम पर किसी स्कूल, कॉलेज या अस्पताल का नामकरण शामिल था। कई मांगें भी उठाई
इसके अतिरिक्त, राज्य स्तर पर पूर्व सैनिकों को मिलने वाले 12 प्रतिशत आरक्षण को पुनः बहाल करने की भी मांग की गई। वक्ताओं ने बताया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान यह आरक्षण जातिगत आरक्षण में विभाजित कर दिया गया था, जिससे सभी वर्गों के पूर्व सैनिकों को नुकसान हुआ। उन्होंने इस निर्णय में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रभारी मंत्री ने समस्याओं के समाधान का दिया आश्वासन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह ने कहा कि देश की सुरक्षा सैनिकों के शौर्य और बलिदान से सुनिश्चित होती है। उन्होंने करौली जिले के उन सैनिकों के प्रति समाज और सरकार की कृतज्ञता व्यक्त की, जिन्होंने देश सेवा में शहादत दी। मंत्री ने कहा कि सैनिकों की सुरक्षा और उनके कल्याण की जिम्मेदारी सरकार के साथ-साथ समाज की भी है। उन्होंने पूर्व सैनिकों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया और बताया कि जिले में 7,821 पूर्व सैनिक एवं उनके परिवार निवास करते हैं। इस अवसर पर मंत्री ने जिले में पूर्व सैनिकों के लिए एक विशेष कॉम्प्लेक्स के प्रस्ताव को राज्य सरकार को भेजने, कैप्टन कमल राम वीसी के नाम पर किसी एक संस्थान का नामकरण कराने तथा लाइसेंस के ऑनलाइन सत्यापन के बाद जिला मुख्यालय पर ही लाइसेंस जारी करने की बात कही। उन्होंने पूर्व सैनिकों से युवाओं को प्रेरित करने और उन्हें अनुशासन व देशभक्ति की भावना से प्रशिक्षित करने की अपील भी की।


