कोटा के रामगंजमंडी क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पार करते समय एक बुजुर्ग राजधानी ट्रेन की चपेट में आ गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना दोपहर करीब 12 बजे की है। बुजुर्ग की पहचान रावली गांव निवासी 90 वर्षीय चुन्नीलाल राठौर (दुलीलाल राठौर) के रूप में हुई है। जीआरपी ने शव को मॉर्च्युरी ने शिफ्ट करवाया है। राजधानी ट्रेन की चपेट में आया जानकारी के अनुसार चुन्नीलाल राठौर रामगंजमंडी से 3 किमी दूर रावली गांव में रहते थे। वो गांव से किसी परिचित व्यक्ति के साथ बाइक पर बैठकर दवा लेने रामगंजमंडी आए थे। मेडिकल से दवा लेने के बाद बस से वापस गांव लौट रहे थे। वो माल गोदाम चौराहे के पास रेलवे पटरी पार कर निजी बस स्टैंड की तरफ जा रहे थे। उसी दौरान पटरी पार करते समय वहां से तेज गति से राजधानी ट्रेन निकली। ट्रेन की स्पीड 130 से 150 किमी रही होगी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेन के तेज गति से गुजरने के दौरान हवा के तेज झोंके और उड़ती धूल के कारण बुजुर्ग संतुलन खो बैठे और ट्रेन की चपेट में आ गए। ट्रेन से टकराकर बुजुर्ग दूर जा गिरे और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बुजुर्ग के सिर पर चोट लगी। इससे पहले आरपीएफ जवानों ने बुजुर्ग को देखकर आवाज लगाकर रोकने का कोशिश भी की। परिजनों ने बताया कि उन्हें सुनाई कम देता था। स्टेशन मास्टर जेपी मीणा ने बताया कि हादसा दोपहर करीब 12 बजे हुआ। कोटा की तरफ से राजधानी ट्रेन आ रही थी। उसी समय एक बुजुर्ग ट्रैक के पास था। स्टेशन के दोनों ओर फेंसिंग लगी हुई है। इसके बावजूद लोग जोखिम उठाकर फेंसिंग के बीच से होकर ट्रैक पार करते हैं।


