डिंडौरी में मंगलवार को जनसुनवाई हुई। इस दौरान कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के सामने एक किसान ने अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए अधिकारियों के सामने बांसुरी बजाई। किसान सम्मान निधि और प्रधानमंत्री आवास योजना की किश्त न मिलने से परेशान किसान ने यह तरीका अपनाया। कलेक्टर ने किसान को कंबल दिया, मोबाइल रिचार्ज करवाया और समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। जनसुनवाई में कुल 71 आवेदकों ने अपनी समस्याएं बताईं। सम्मान निधि का फायदा न मिलने की शिकायत की थी करंजिया जनपद पंचायत क्षेत्र के झनकी ग्राम पंचायत के वन ग्राम पांडुपुर से आए किसान मोहन सिंह समदेहा ने कलेक्टर को बताया कि उन्हें किसान सम्मान निधि योजना का फायदा शुरू से नहीं मिला है। इसके अलावा, उनके प्रधानमंत्री आवास की चौथी किश्त भी लंबित है, जिससे आवास का निर्माण पूरा नहीं हो पा रहा है। अपनी बात रखने के बाद उन्होंने थैले से बांसुरी निकालकर बजाना शुरू कर दिया। कलेक्टर ने किसान की समस्या सुनकर जिला पंचायत सीईओ को प्रधानमंत्री आवास की किश्त तुरंत जारी करने का निर्देश दिया। साथ ही, राजस्व विभाग को किसान सम्मान निधि के आवेदन की स्थिति रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया गया। फौती नामा काटने के लिए पटवारी ने मांगी रिश्वत जनसुनवाई में घाना घाट गांव से आए आवेदक ईश्वर सिंह ने भी अपनी समस्या बताई। उन्होंने बताया कि उनकी भूमि खसरा नंबर 981/1 और 981/2 (रकबा 0.030, 0.010) पर पटवारी गणेश वनवासी ने फौती नामा काटने के लिए 5 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। रिश्वत न देने पर पटवारी ने बिना जानकारी दिए उनकी भूमि का गलत नक्शा काट दिया, जिससे अब पड़ोसी किसान से विवाद हो रहा है। पीएम आवास के लिए मांगी 5 हजार की रिश्वत अमरपुर जनपद पंचायत क्षेत्र के नादा मॉल ग्राम पंचायत से आए आवेदक दीपचंद ने बताया कि उनका नाम आवास सर्वे सूची 2010-2011 में दर्ज है और उनके नाम से प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत और जनपद के अधिकारियों ने उनसे 5 हजार रुपए की मांग की थी। पैसा न दे पाने के कारण उनका आवास गांव की केदकी बाई को आवंटित कर दिया गया। दीपचंद को यह जानकारी उनके जॉब कार्ड नंबर 125 से मिली।


