रायसेन जिले में मकर संक्रांति का पर्व 14 और 15 जनवरी को दो दिनों तक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर भोजपुर मंदिर परिसर, सांची रोड स्थित पगनेश्वर और भोपाल रोड पर जाखा पुल के पास मेले आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही जिले के विभिन्न नर्मदा घाटों पर श्रद्धालु शाही स्नान करेंगे। मंगलवार से ही श्रद्धालुओं के जत्थे स्नान के लिए रवाना होने लगे हैं। मकर संक्रांति के अवसर पर भोजपुर मंदिर में भगवान शिव को आकर्षक रूप से सजाया गया है। यहां हजारों श्रद्धालु बेतवा नदी में शाही स्नान कर भगवान शिव के दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे। भोजपुर मेले में आसपास के क्षेत्रों के साथ-साथ भोपाल से भी कई दुकानदार अपनी दुकानें लगाएंगे। अन्य स्थानों पर भी मेले, नर्मदा घाटों पर उमड़ेगी भीड़
जिले के अन्य प्रमुख स्थलों पर भी मकर संक्रांति मेले का आयोजन किया जाएगा। इनमें गैरतगंज तहसील का मावल खोह मंदिर स्थल और सुल्तानपुर क्षेत्र का केरवना वन क्षेत्र शामिल है। इसके अलावा रायसेन जिले से होकर बहने वाली पवित्र नर्मदा नदी के बोराज घाट, अलीगंज, फतेहगढ़ और सोकलपुर घाट पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचेंगे। भोजपुर में 200 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे ने बताया कि मकर संक्रांति के दौरान लगने वाले मेलों को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। एक दिन पहले उन्होंने भोजपुर मंदिर परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। भोजपुर मंदिर में करीब 200 से अधिक पुलिस जवान सुरक्षा और व्यवस्था संभालेंगे। यातायात डायवर्जन और सुरक्षा को लेकर अपील
भोपाल सहित आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने लोगों से अपील की है कि वे प्रतिबंधित चाइनीज मांझे का उपयोग न करें। साथ ही घाटों पर गहरे पानी में न जाने, सुरक्षित तरीके से स्नान करने और सावधानी के साथ त्योहार मनाने का आग्रह किया गया है। ज्योतिषाचार्य बोले-मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाई जाएगी ज्योतिषाचार्य राजेन्द्र दुबे शास्त्री के अनुसार 14 जनवरी की रात 9:35 बजे सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। सनातन परंपरा के अनुसार दान, जप, व्रत और पूजन जैसे धार्मिक कार्य उदयातिथि में ही शुभ माने जाते हैं। इसी कारण मकर संक्रांति का पुण्यकाल 15 जनवरी को माना गया है। बताया गया कि 15 जनवरी की सुबह 7:15 बजे से पुण्यकाल प्रारंभ होगा। इसी समय से स्नान, दान, जप, व्रत और अन्य धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे।
14 जनवरी को एकादशी तिथि होने के कारण चावल का दान वर्जित बताया गया है। इसी वजह से उस दिन मकर संक्रांति से जुड़े कर्मकांड नहीं किए जाएंगे। धार्मिक मान्यताओं और शास्त्रों के अनुसार इस वर्ष मकर संक्रांति पर्व 15 जनवरी को ही श्रद्धा और विधि-विधान से मनाया जाएगा।


