सिरोही में शहर के राम झरोखा परिसर में ‘गौ सम्मान आव्हान’ राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत एक बैठक आयोजित की गई। अभियान प्रचारक सुरेंद्र सिंह राजपुरोहित ने गौ माता के सम्मान, सुरक्षा और पूर्ण गोवध बंदी की मांग को लेकर चलाए जा रहे इस अभियान की विस्तृत जानकारी दी। राजपुरोहित ने बताया कि इस अभियान के तहत सभी गौ प्रेमियों को ग्राम, तहसील, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर एकजुट किया जाएगा। इसके पहले चरण में आगामी 27 अप्रैल को देशभर की तहसील और जिला स्तर पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम गोमाता के सम्मान, सुरक्षा और पूर्ण गोवध बंदी के लिए ज्ञापन सौंपे जाएंगे। ज्ञापन में गोवध बंदी से होने वाली क्षति की पूर्ति के लिए गोसंवर्धन तथा गौ उत्पादों से होने वाली आय के बारे में भी सरकार के साथ चर्चा की जाएगी। यह अभियान किसी संस्था या संगठन के बैनर तले नहीं, बल्कि ईश्वर, गौ माता और नंदी बाबा के सानिध्य में निरंतर चलेगा। इसे किसी सरकार के विरुद्ध न होकर केवल एक आग्रह के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा, जो सरकार द्वारा स्वीकार किए जाने तक जारी रहेगा। अभियान के तहत, यदि पहले निवेदन पर सकारात्मक परिणाम नहीं मिलते हैं, तो 10 जुलाई को पुनः प्रार्थना पत्र तहसील और जिला स्तर पर दिए जाएंगे। इसके बाद भी परिणाम न मिलने पर 27 अक्टूबर को प्रार्थना पत्रों की पुनरावृत्ति की जाएगी। यदि इन प्रयासों के बावजूद सरकार का सकारात्मक प्रत्युत्तर नहीं मिलता है, तो 27 फरवरी से हजारों गौ भक्त क्रमवार दिल्ली पहुंचकर गौ संकीर्तन करेंगे और प्रतिदिन सरकार को निवेदन पत्र लिखकर आग्रह करते रहेंगे। अभियान के आयोजकों ने चेतावनी दी कि यदि 15 अगस्त, 2027 तक प्रधानमंत्री गौ माता की सुरक्षा, सम्मान, पूर्ण गोवध बंदी और उन्हें राष्ट्र माता का दर्जा नहीं देती हैं, तो 16 अगस्त, 2027 से पांच-पांच संत आमरण अनशन पर बैठेंगे। इस राष्ट्रव्यापी अभियान के लिए सिरोही जिले में शंकर लाल माली को जिला प्रभारी और नरेंद्रपाल सिंह को सहयोगी नियुक्त किया गया है। माली ने जिले के प्रत्येक व्यक्ति से इस महाअभियान में जुड़ने और सहयोग करने का आह्वान किया है।
बैठक में पारसमल रावल, नरेंद्र पाल सिंह, विक्रम सिंह यादव, इंदर सिंह, प्रकाश सेन, रमेश सिंह, अशोक पुरोहित, राम चंद्र, नारायण लोहार, सुरेश डी रावल, बाबूलाल कुम्हार, राजेंद्र सिंह परमार, शंकर लाल कुमार, प्रशांत सिंह, करण सिंह, कपूर सगरवंशी व अन्य उपस्थित थे।


