उज्जैन में स्वच्छता और स्वास्थ्य के संदेश के लिए आयोजित ‘स्वस्थ पहल सम्मान समारोह’ में सिंगल यूज और प्लास्टिक कोटेड गिलास का उपयोग बंद करने वाले लगभग 70 व्यापारियों को सम्मानित किया गया। उज्जैन नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता और स्वास्थ्य अभियान के तहत इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों में सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था।कार्यक्रम में कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष रवि रॉय ने मंच से ही महापौर मुकेश टटवाल को घेर लिया। कार्यक्रम में एक ओर प्लास्टिक मुक्त उज्जैन की बात हुई, वहीं दूसरी ओर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल भी उठे। देवास रोड स्थित होटल श्री गंगा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर मुकेश टटवाल ने बताया कि नगर निगम की टीम ने शहरभर की चाय दुकानों और होटलों का निरीक्षण किया है। उन्होंने दुकानदारों से अपील की कि वे कागज जैसे दिखने वाले लेकिन अंदर से प्लास्टिक कोटेड गिलास का उपयोग न करें, क्योंकि यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसके स्थान पर मिट्टी और कांच (फेरारी) के गिलास अपनाने की सलाह दी गई। महापौर ने आगे कहा कि यह अभियान केवल स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि शहरवासियों के स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़ा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि नगर निगम भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार चलाएगा। हालांकि, कार्यक्रम का माहौल उस वक्त बदल गया जब नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष रवि रॉय ने मंच से ही निगम की नीतियों पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर महापौर ठेला-गुमटी वालों के सम्मेलन कर उन्हें लोन दिलाने की बात करते हैं, वहीं कुछ ही दिनों बाद उनके ठेले हटा दिए जाते हैं। नेता प्रतिपक्ष के इस बयान के बाद कार्यक्रम में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई। समारोह में कालूहेड़ा विधायक अनिल जैन, उज्जैन भाजपा अध्यक्ष संजय अग्रवाल तथा श्री क्षेत्र वाल्मीकि धाम, उज्जैन के पीठाधीश्वर एवं राज्यसभा सांसद सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।


