अमृतसर में लोहड़ी का त्योहार पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। कड़ाके की सर्दी और घनी धुंध के बावजूद नौजवान सुबह से ही छतों पर पतंगबाजी की। इस दौरान एक युवक द्वारा 24 फुट की पतंग उड़ाई गई। शहर में डीजे पर पारंपरिक गीत गूंज रहे हैं। वहीं श्रद्धालु आधी रात से ही गोल्डन टेंपल में माथा टेकने पहुंच रहे हैं। यह पर्व देशभर में श्रद्धा और प्रेम के साथ मनाया जाता है। यह सर्दियों के अंत और नई फसल के आगमन का प्रतीक है। विभिन्न स्थानों पर लोगों ने अग्नि जलाकर, पारंपरिक गीत गाकर और खुशियां बांटकर लोहड़ी का उत्सव मनाया। अमृतसर में, ऐतिहासिक कंपनी बाग में कंपनी बाग एसोसिएशन ने सुबह लोहड़ी का त्योहार बड़े सम्मान के साथ मनाया। इस अवसर पर एसोसिएशन के सदस्यों ने लोहड़ी की अग्नि प्रज्वलित की। अग्नि में रेवड़ी, मूंगफली, तिल, मक्के के दाने और गजक अर्पित की गईं। बाद में इन प्रसादों को आपस में बांटा गया। लोहड़ी के पारंपरिक गीत गाए कार्यक्रम के दौरान “सुंदर मुंदरिए हो” जैसे पारंपरिक लोहड़ी गीत गाए गए। ढोल की थाप पर भांगड़ा और गिद्दा भी प्रस्तुत किया गया, जिससे पूरा माहौल उत्साह और खुशी से भर गया। इस मौके पर एसोसिएशन के मुकेश ठाकुर सहित सभी सदस्यों ने देशवासियों को लोहड़ी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लोगों से चाइना डोर का पूरी तरह त्याग करने और केवल साधारण सूती डोर से ही पतंगबाजी करने की अपील की। सदस्यों ने बताया कि चाइना डोर के कारण कई जानें जा चुकी हैं और यह पक्षियों के लिए भी घातक साबित हो रही है, जिससे आसमान में पक्षियों की संख्या कम हो गई है। एसोसिएशन के सदस्यों ने यह भी कहा कि त्योहार के दौरान शराब पीकर हुड़दंग और लड़ाई-झगड़ा करना लोहड़ी की भावना के विपरीत है। उन्होंने संदेश दिया कि लोहड़ी हमें परिवार और रिश्तेदारों के साथ मिलकर खुशी और सौहार्द के साथ त्योहार मनाने की सीख देती है। यहां देखिए PHOTOS…


